
नौहराधार/हरिपुरधार। सिरमौर जिले की सबसे ऊंची और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र चूड़धार में अक्टूबर के पहले सप्ताह में मौसम का पहला हिमपात हुआ है। चूड़धार की ऊंची पहाड़ियों और मंदिर परिसर के आसपास हल्की बर्फबारी से क्षेत्र में ठंड ने अचानक दस्तक दे दी है। बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने के बाद चूड़धार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम में आए इस बदलाव का एहसास हुआ।
करीब 3647 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार में हुई हल्की बर्फबारी का असर आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। हरिपुरधार, करीब 2680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं नौहराधार, करीब 2175 मीटर की ऊंचाई पर तापमान लगभग 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने से लोगों को अक्टूबर की शुरुआत में ही सर्दी का अहसास होने लगा है।
चूड़धार में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद स्थानीय लोगों में भी मौसम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह-शाम ठंडी हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम में अचानक आए बदलाव का असर विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दूरदराज के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि तापमान में और गिरावट आती है तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड और बढ़ सकती है।
चूड़धार क्षेत्र में मौसम के इस बदलाव को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा पर जाने वालों को गर्म कपड़े, आवश्यक दवाइयां और मौसम की जानकारी साथ लेकर चलने की सलाह दी जा सकती है। साथ ही प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़क, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल चूड़धार पर हुई पहली बर्फबारी ने सिरमौर की पहाड़ियों का मौसम बदल दिया है और हरिपुरधार तथा नौहराधार क्षेत्र में सर्दी की दस्तक साफ महसूस की जा रही है।

