
शिमला। दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को शिमला में लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं की हिरासत और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष को अपने सवाल उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार मिलना चाहिए। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी करीब 300 सांसदों के साथ अपनी बात रखने के लिए मार्च कर रहे थे। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और इसे लोकतांत्रिक असहमति से जुड़े गंभीर सवाल के रूप में पेश किया। सुक्खू ने कहा कि आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे।
कांग्रेस ने दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्षी दलों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है। इन मुद्दों को लेकर हिमाचल कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

