Reading: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंचीं बिलासपुर, AIIMS के पहले दीक्षांत समारोह में 92 प्रशिक्षुओं को मिलीं डिग्रियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंचीं बिलासपुर, AIIMS के पहले दीक्षांत समारोह में 92 प्रशिक्षुओं को मिलीं डिग्रियां

RamParkash Vats
5 Min Read

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंचीं बिलासपुर, AIIMS के पहले दीक्षांत समारोह में 92 प्रशिक्षुओं को मिलीं डिग्रियां, पांच प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से किया गया सम्मानित

AIIMS बिलासपुर के ऐतिहासिक प्रथम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बढ़ाया गौरव, 43 एमबीबीएस, 14 एमडी-एमएस, 26 नर्सिंग और 9 पैरामेडिकल प्रशिक्षु हुए दीक्षित

बिलासपुर, 6 अक्टूबर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर पहुंचीं और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति सुबह करीब 10:35 बजे एम्स परिसर के हेलीपैड पहुंचीं, जहां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित अन्य गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति का यह दौरा AIIMS बिलासपुर की शैक्षणिक यात्रा के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।

पहले दीक्षांत समारोह में कुल 92 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 2020 बैच के 43 एमबीबीएस विद्यार्थी, 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक, 2022 बैच के 26 नर्सिंग विद्यार्थी तथा नौ पैरामेडिकल प्रशिक्षु शामिल हैं।

देमातरम गीत के साथ पहले दीक्षांत समारोह का शुभारंभ

समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया। इन विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रपति के हाथों डिग्री और पदक प्राप्त करना विशेष उपलब्धि रहा।

राष्ट्रपति मुर्मु प्रथम दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों एवं प्रशिक्षुओं को डिग्रियां प्रदान करती हुई

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने चिकित्सा पेशे को केवल रोजगार या आजीविका का माध्यम न मानते हुए इसे करुणा, संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा का क्षेत्र बताया। उन्होंने चिकित्सा स्नातकों से मरीजों के प्रति सहानुभूति और मानवीय संवेदना बनाए रखने का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी केवल बीमारी का निदान और उपचार करना नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिवार को विश्वास तथा संवेदना का भाव देना भी है।

प्रथम दीक्षांत समारोह में डॉक्टर एवं प्रशिक्षु समारोह स्थल पर विराजमान

राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती है। उन्होंने AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से निकलने वाले चिकित्सकों से अपेक्षा की कि वे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने वंचित और जरूरतमंद लोगों की सेवा को चिकित्सा पेशे की सबसे बड़ी सार्थकता बताया।

मंच पर विराजमानराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा

दीक्षांत समारोह की एक खास झलक हिमाचली संस्कृति भी रही। डिग्री प्राप्त करने वाले चिकित्सक और प्रशिक्षु पारंपरिक कुर्ता-पायजामा, सदरी और हिमाचली टोपी में नजर आए। AIIMS बिलासपुर प्रशासन की ओर से समारोह के लिए इस पारंपरिक पहनावे को प्राथमिकता दी गई थी। इससे राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में हिमाचल की स्थानीय संस्कृति की भी सुंदर झलक देखने को मिली।

राष्ट्रपति मुर्मु प्रथम दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों एवं प्रशिक्षुओं को डिग्रियां प्रदान करती हुई

समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए बिलासपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। एम्स परिसर और राष्ट्रपति के आने-जाने वाले मार्गों पर पुलिस तथा होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया गया।

AIIMS बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 को संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति का इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पहली शैक्षणिक पीढ़ी के विद्यार्थियों को डिग्री मिलने के साथ AIIMS बिलासपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी औपचारिक शैक्षणिक यात्रा का एक अहम पड़ाव पूरा किया है। राष्ट्रपति मुर्मु का तीन दिवसीय हिमाचल दौरा 6 से 8 अक्टूबर तक है; 7 अक्टूबर को उनके रोहतांग स्थित अटल सुरंग के दौरे का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!