मातृ-शिशु अस्पताल शुरू न होने पर नूरपुर में रोष रैली, छठे दिन भी जारी अकिल बख्शी की भूख हड़ताल

नूरपुर में लंबे समय से लंबित मातृ-शिशु अस्पताल को शुरू करवाने की मांग को लेकर अब लोगों का आक्रोश सड़क पर दिखाई देने लगा है। अस्पताल को शीघ्र शुरू करवाने की मांग को लेकर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं रणजीत जनकल्याण सभा के अध्यक्ष अकिल बख्शी द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को छठे दिन भी जारी रही। इसी बीच मांगों पर अब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलने के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सिविल अस्पताल परिसर से नूरपुर चौगान बाजार तक रोष रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल को जल्द शुरू करने की मांग उठाते हुए प्रशासन और सरकार से इस मामले में स्पष्ट स्थिति सामने रखने की मांग की।

भूख हड़ताल पर बैठे अकिल बख्शी ने कहा कि उनकी भूख हड़ताल का आज छठा दिन है, लेकिन अभी तक सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें कोई औपचारिक लिखित संवाद प्राप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से भी अभी तक उनसे मुलाकात नहीं की गई है। बख्शी ने कहा कि उनकी मुख्य मांग अस्पताल के निर्माण एवं शेष कार्य की स्थिति को स्पष्ट करना और इसे शुरू करने की निश्चित समय-सीमा बताना है। उन्होंने कहा कि जब तक उच्च स्तर से उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
रैली के दौरान लोगों ने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए अस्पताल को जल्द शुरू करने की मांग उठाई। बीती रात नूरपुर नगर परिषद के एक पूर्व पार्षद ने भी भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचकर अकिल बख्शी का हाल जाना। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद भूख हड़ताल जारी रहना चिंता का विषय है और यह मामला किसी एक व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों से जुड़ा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे को दलगत राजनीति से अलग रखते हुए सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने की अपील की।
क्षेत्र में चर्चा है कि भूख हड़ताल को लेकर आगामी दिनों में प्रशासन या सरकार की ओर से कोई आश्वासन सामने आ सकता है। हालांकि, फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में लोगों की नजर अब सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। जनहित से जुड़े इस मामले में स्थानीय लोग अस्पताल के शेष कार्य, निर्माण की वर्तमान स्थिति और इसे शुरू करने की संभावित समय-सीमा को लेकर स्पष्ट एवं आधिकारिक जानकारी की मांग कर रहे हैं।
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