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मातृ-शिशुअस्पताल शुरू करने हेतु भूख हड़ताल पर बैठे बख्शी का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी सरकारी तंत्र नहीं आया मौके पर

RamParkash Vats
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नूरपुर मातृ शिशु अस्पताल नूरपुर को जल्द शुरू करने की मांग को लेकर अकिल बख्शी द्वारा नूरपुर अस्पताल परिसर में शुरू की गई शांतिपूर्ण भूख हड़ताल आज दूसरे दिन में प्रवेश कर गई। अकिल बख्शी ने बताया कि भूख हड़ताल के पहले दिन क्षेत्र के लोगों ने देर रात तक बड़ी काफ़ी लोगो ने उनसे मिलने और अपना समर्थन देने की बात कही l

24 घंटे से अधिक समय भी जाने के बाद व्यवस्था परिवर्तन सरकार का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी हाल पूछने तक नहीं आया सिर्फ केवल कानून के मुताबिक अस्पताल प्रशासन एक मेडिकल टीम ने बक्शी का मेडिकल परीक्षण किया जिसमें शारीरिक कमजोरी नजर आईl मातृ-शिशुअस्पताल शुरू करने हेतु भूख हड़ताल पर बैठे बख्शी का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी सरकारी तंत्र नहीं आया मौके पर

क्षेत्र के लोगों द्वारा मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द शुरू करने की मांग का समर्थन किया जा रहा है। अकिल बख्शी ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मांग नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार को जनता की इस आवाज को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए l उन्होंने कहा कि यदि मातृ-शिशु अस्पताल समय पर शुरू होता है, तो नूरपुर सहित आसपास की लगभग 5 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता कम होगी। बख्शी ने कहा कि भूख हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगी और उनका उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं बल्कि जनता से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने क्षेत्र की जनता से भी इस जनहित के मुद्दे पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना समर्थन जारी रखने की अपील की।

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