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गांधी जयंती पर 30 से अधिक कर्मचारियों ने चार घंटे किया श्रमदान, ऐतिहासिक तालाब के संरक्षण-सौंदर्यीकरण को मिली नई धार

RamParkash Vats
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जिला कांगड़ा की फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र की उपतहसील राजा का तालाब स्थित ऐतिहासिक तालाब को स्वच्छ, सुंदर और पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक बनाने की मुहिम को गांधी जयंती पर नई धार मिली। जल शक्ति विभाग उपमंडल राजा का तालाब के सेक्शन रैहन की टीम ने कनिष्ठ अभियंता पंकज कौशल की अगुवाई में तालाब परिसर में मोर्चा संभालते हुए 30 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ चार घंटे तक श्रमदान किया।

सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले विशेष अभियान में कर्मचारियों ने तालाब के किनारों पर उगी एलिगेटर वीड, घास-बूटी और कूड़ा-कचरा हटाया। निकाली गई वनस्पति को ट्रैक्टर के माध्यम से तालाब परिसर से दूर वीरान क्षेत्र में पहुंचाया गया। अभियान के बाद तालाब के किनारे पहले की अपेक्षा अधिक साफ और व्यवस्थित नजर आए।यह अभियान महज सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यटन विकास में जनभागीदारी का मजबूत संदेश दिया गया।

विभागीय टीम ने लोगों से तालाब परिसर में कूड़ा न फेंकने और इसकी स्वच्छता व सुंदरता बनाए रखने की अपील की।राजा का तालाब को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयासों के बीच यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले बुधवार को राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक भवानी सिंह पठानिया ने सरकार के सहयोग से तालाब में दो पैडल बोट उपलब्ध करवाकर लोगों को ऐतिहासिक तालाब को नजदीक से निहारने की सुविधा प्रदान की थी।बोटिंग सुविधा शुरू होने के बाद तालाब परिसर की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने की जरूरत और बढ़ गई है।

ऐसे में जल शक्ति विभाग का यह अभियान तालाब के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की दिशा में चल रहे प्रयासों को जमीनी स्तर पर मजबूती देता नजर आया।कनिष्ठ अभियंता पंकज कौशल ने कहा कि राजा का तालाब की ऐतिहासिक धरोहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए हर महीने नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने समाजसेवी, बुद्धिजीवी वर्ग और स्थानीय लोगों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तालाब को बेहतर स्वरूप देना और इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना केवल सरकार या विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनसहयोग से ही इस ऐतिहासिक धरोहर को लंबे समय तक स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाए रखा जा सकता है।अभियान में जगमोहन सिंह, रवि कुमार, बोध राज, आदित्य डडवाल, विजय, संगम, अभिषेक शर्मा, रजनीश कुमार, केवल सिंह, राजकुमार, विजय कुमार, अनमोल पठानिया, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह, भूपिंदर सिंह, त्रिलोक चंद, सतीश कुमार, रवींद्र सिंह, जग्गू राम सहित विभाग के अन्य कर्मचारियों ने श्रमदान किया।

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