Reading: मातृ-शिशु अस्पताल शुरू कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे अकिल बख्शी

मातृ-शिशु अस्पताल शुरू कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे अकिल बख्शी

RamParkash Vats
3 Min Read

नूरपुर से विनय महाजन। नूरपुर में लंबे समय से तैयार मातृ-शिशु अस्पताल को शुरू करवाने की मांग को लेकर रंजीत बख्शी जनकल्याण सभा के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बख्शी ने महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सिविल अस्पताल नूरपुर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इससे पहले उन्होंने समर्थकों के साथ संयुक्त कार्यालय भवन से सिविल अस्पताल तक रोष रैली निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके साथ मौजूद रहे।

अकिल बख्शी ने कहा कि नूरपुर का 50 बिस्तरों वाला मातृ-शिशु अस्पताल लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग बना हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अस्पताल भवन का उद्घाटन वर्ष 2022 में हुआ था, लेकिन बिजली, पानी, सिविल कार्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के कारण यह पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो सका। जुलाई 2026 में पूर्व विधायक अजय महाजन ने अस्पताल के शेष कार्यों का निरीक्षण करते हुए इसे दो माह में शुरू होने की उम्मीद जताई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार परियोजना के लिए पिछले वर्ष 3.18 करोड़ रुपये तथा बिजली व्यवस्था के लिए अतिरिक्त 24 लाख रुपये मंजूर किए गए थे।

अकिल बख्शी ने कहा कि उनकी भूख हड़ताल की दो प्रमुख मांगें हैं। पहली मांग है कि मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द से जल्द पूरी सुविधाओं के साथ शुरू किया जाए। दूसरी मांग है कि रंजीत बख्शी जनकल्याण सभा को सिविल अस्पताल नूरपुर की रोगी कल्याण समिति में शामिल किया जाए, ताकि संस्था स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में अपना योगदान दे सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल अथवा सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाना है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।

गौरतलब है कि अगस्त में अकिल बख्शी ने घोषणा की थी कि यदि 30 सितंबर तक अस्पताल को कार्यशील नहीं किया गया तो 2 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

अस्पताल शुरू होने से नूरपुर के साथ-साथ इंदौरा, जवाली, फतेहपुर और भटियात क्षेत्र के लोगों को मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस आंदोलन के बीच अस्पताल को पूरी तरह शुरू करने को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!