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दस उपवास करने वाले तपस्वियों की साधना को माता जी ने सराहा, कहा—ऐसे तपस्वियों से धर्म की प्रभावना होती है

RamParkash Vats
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महमूदाबाद, सीतापुर।प्रदेश राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन

जैन समाज महमूदाबाद में पर्युषण पर्व के अवसर पर तप, त्याग और साधना की भावना देखने को मिली। समाज के श्रद्धालुओं ने कठिन उपवास की साधना कर धर्म के प्रति अपनी आस्था और समर्पण का परिचय दिया।
इसी क्रम में श्रीमती प्रीति जैन पत्नी अंकित जैन, पुत्रवधू नीरज जैन ने दस उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण की। इसके अलावा व्याख्या जैन पुत्री नीलू जैन एवं ममता जैन पत्नी सुनील जैन ने पांच उपवास किए।

दस उपवास करने वाले तपस्वियों में अकर्षि जैन पुत्री नीलू जैन, लवी जैन पुत्री पुष्पेंद्र जैन, भूमि जैन पुत्री राजेश जैन, मनु जैन पुत्री राजेश जैन, तन्मय जैन पुत्र मनीष जैन, भूमिका जैन पुत्री महेंद्र जैन, अरिहंत जैन पुत्र आलोक जैन, तन्मय जैन पुत्र रितेश जैन, रागनी जैन पत्नी सजल जैन, स्वाति जैन पत्नी राहुल जैन, प्रीती जैन पत्नी अंकित जैन, सुप्रिया जैन पत्नी प्रतीश जैन, पर्युल जैन पुत्र मनीष जैन, स्नेहा जैन पुत्री मनोज जैन, मिंटी जैन पत्नी प्रदीप जैन एवं मृदुला जैन पत्नी संदीप जैन शामिल हैं।
माता जी का उद्बोधन में कहा—ऐसे तपस्वियों से होती है धर्म की प्रभावना
महमूदाबाद में विराजमान श्री विविक्त श्री माता जी ससंघ ने सभी तपस्वियों को विधिवत पारण कराया तथा आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर माता जी ने तपस्वियों की साधना की सराहना करते हुए कहा कि तप, त्याग और संयम जैन धर्म की महान परंपरा हैं। ऐसे धर्मनिष्ठ और तपस्वी लोगों से ही धर्म की प्रभावना होती है। सभी तपस्वियों की साधना अनुकरणीय है और इनके तप के लिए समाज की ओर से बहुत-बहुत अनुमोदना।
माता जी ने सभी तपस्वियों के उज्ज्वल आध्यात्मिक जीवन की मंगलकामना करते हुए कहा कि तपस्या केवल शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और संयम की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम है।
तपस्वियों की साधना पर जैन समाज के लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी को शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत अनुमोदना प्रकट की।

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