मंत्रिमंडल विस्तार की समयसीमा तय होने से हिमाचल कांग्रेस में सियासी समीकरण तेज, मंत्री पद और विभागों के संभावित बदलाव पर विधायकों की नजरें टिकीं

सोलन (Shimla) हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चर्चा का विषय बने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 11 दिसंबर से पहले मंत्रिमंडल विस्तार करने की पूरी कोशिश की जाएगी। सोलन के कोठों में आयोजित एक शैक्षणिक सम्मेलन के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल के साथ-साथ विभिन्न विभागों में फेरबदल को लेकर भी चर्चा जारी है।मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों को नया आधार मिला है। इससे पहले भी सितंबर में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द किया जाएगा और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव संभव है।

एक मंत्री पद और डिप्टी स्पीकर का पद रिक्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में मंत्रिमंडल में एक पद रिक्त है। इसके अलावा विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद भी खाली है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ संगठनात्मक और विधायी स्तर पर भी कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, नए मंत्री के नाम को लेकर मुख्यमंत्री ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।मंत्रियों के विभागों में संभावित फेरबदल को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में कांग्रेस हाईकमान स्तर पर मंत्रियों के कामकाज, संभावित नए चेहरों और विभागों में बदलाव को लेकर विचार-विमर्श की बात सामने आई थी। हालांकि, किन मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे या किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
11 दिसंबर की समयसीमा पर राजनीतिक नजर
मुख्यमंत्री का 11 दिसंबर से पहले विस्तार का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री पद संभाला था। राज्य सरकार के कार्यकाल से जुड़े इस पड़ाव से पहले मंत्रिमंडल में बदलाव की प्रक्रिया पूरी करने के संकेत दिए गए हैं। हिमाचल सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी 11 दिसंबर 2022 को उनके मुख्यमंत्री पद संभालने की पुष्टि करती है।फिलहाल मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि विस्तार और विभागों में फेरबदल को लेकर चर्चा जारी है। ऐसे में अब नजर कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाली आगामी चर्चा और सरकार की ओर से अंतिम निर्णय पर रहेगी। नए चेहरों को मौका मिलता है या मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव होता है, इसका फैसला आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

