होशियारपुर से परिवार बच्चे को लेकर पहुंचा था श्री नयना देवी मंदिर, परिजनों ने माता के आशीर्वाद को बताया वजह

बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में आस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है। पंजाब के होशियारपुर से अपने बच्चे को लेकर माता के दरबार में पहुंचे एक परिवार ने दावा किया है कि कुछ समय से आंखों की रोशनी संबंधी परेशानी से जूझ रहे बच्चे को मंदिर में दर्शन और प्रार्थना के बाद दोबारा दिखाई देने लगा। परिवार ने इस अनुभव को मां नयना देवी का आशीर्वाद और चमत्कार बताया है।


परिजनों के अनुसार, उनका बच्चा कुछ समय से आंखों की गंभीर परेशानी से जूझ रहा था और उसे दिखाई देना बंद हो गया था। बच्चे की स्थिति को लेकर परिवार काफी चिंतित था। परिजनों ने बच्चे के उपचार के प्रयास भी किए। इसके बाद परिवार ने मां श्री नयना देवी के दरबार में पहुंचकर बच्चे के स्वस्थ होने की प्रार्थना करने का निर्णय लिया।
परिवार बच्चे को लेकर बिलासपुर स्थित श्री नयना देवी मंदिर पहुंचा। परिजनों का कहना है कि मंदिर में पूजा-अर्चना और माता के दर्शन के बाद बच्चे की आंखों की रोशनी लौटने का अनुभव हुआ। परिवार के लिए यह क्षण बेहद भावुक करने वाला था। परिजनों ने इसे मां नयना देवी की कृपा मानते हुए माता के दरबार में आभार व्यक्त किया।इस घटना की चर्चा मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं के बीच होती रही। परिवार का कहना है कि जिस समय बच्चा दिखाई नहीं देने की समस्या से परेशान था, उस समय उन्होंने माता के दरबार में आस्था के साथ प्रार्थना की थी। इसके बाद बच्चे को दोबारा दिखाई देने लगा तो उनकी श्रद्धा और मजबूत हो गई।

श्री नयना देवी मंदिर में नेत्र संबंधी मनोकामना को लेकर श्रद्धालुओं की विशेष आस्था भी रही है। वर्ष 2025 में भी एक महिला ने दावा किया था कि आंखों की रोशनी संबंधी परेशानी के बाद मां नयना देवी से मन्नत मांगने पर उसकी आंख में सुधार हुआ और मन्नत पूरी होने पर उसने मंदिर में चांदी के नेत्र अर्पित किए।परिवार के लिए बच्चे को दोबारा दिखाई देना निश्चित रूप से खुशी और राहत का विषय है। माता के दरबार से जुड़ी इस घटना ने एक बार फिर श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को चर्चा में ला दिया है।

