आवारा पशु, बंदरों और कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग; न्याजपुर-डिफेंस रोड के बीच करीब 250 कनाल भूमि गौ सदन के लिए उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव

नूरपुर शहर और विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन के पूर्व पदाधिकारी सुदर्शन शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं से अवगत करवाते हुए उनके समाधान की मांग रखी।
सुदर्शन शर्मा ने मंत्री को सौंपे ज्ञापन में नूरपुर शहर में बढ़ती आवारा पशुओं, बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा पशुओं के झुंड के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार इन पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।उन्होंने न्याजपुर और डिफेंस रोड के मध्य स्थित करीब 250 कनाल भूखंड को गौ सदन अथवा पशु संरक्षण केंद्र के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव भी मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने मांग की कि यदि उक्त भूमि सरकार के अधीन है तो इसे पशु संरक्षण के लिए उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाए तथा इसके रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को दी जाए।
शर्मा ने कहा कि यदि इस भूखंड का उपयोग काउ सेंचुरी अथवा पशु संरक्षण केंद्र की तर्ज पर किया जाता है तो इससे एक ओर आवारा पशुओं की समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी भूमि पर होने वाले संभावित अतिक्रमण पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूखंड के दोनों ओर सड़क होने के कारण पशुओं के लिए पहुंच और प्रबंधन की दृष्टि से भी यह स्थान उपयोगी साबित हो सकता है।उन्होंने मंत्री के समक्ष यह भी कहा कि आवारा पशुओं के कारण शहर के लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। विशेषकर मुख्य सड़कों पर पशुओं के झुंड के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक से भी स्थानीय लोग परेशान हैं। ऐसे में समस्या के अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है।
सुदर्शन शर्मा के अनुसार, राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने उनकी ओर से उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना और जनहित में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की समस्या को रोकने के लिए जिला कांगड़ा प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने पर भी चर्चा हुई।शर्मा ने कहा कि नूरपुर शहर की समस्याओं का समाधान केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करेगी।

