सीतापुर:राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वर्ष 2008 से कार्यरत सक्षम संस्था लगातार मानवता की मिसाल पेश कर रही है। संस्था अब तक 284 नेत्रदान सीतापुर आंख अस्पताल के माध्यम से करवा चुकी है। इन नेत्रदानों के जरिए जरूरतमंद नेत्रहीन लोगों को दुनिया की रंग-बिरंगी रोशनी देखने का अवसर मिल रहा है।

महर्षि दधीचि की तपोस्थली सीतापुर में संस्था के इस पुनीत अभियान को लोगों का लगातार सहयोग मिल रहा है। लोग मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान कर नेत्रहीन लोगों के जीवन में प्रकाश फैलाने का संकल्प पूरा कर रहे हैं। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि दुनिया में लाखों लोग नेत्रदान की कमी के कारण जीवनभर अंधत्व का सामना करते हैं। ऐसे में नेत्रदान समाज के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पुनीत कार्य है।
समाजसेवी महेश अग्रवाल व सुभाष अग्निहोत्री द्वारा शुरू की गई सक्षम संस्था को वर्तमान में संदीप भरतीया, मुकेश अग्रवाल, विकास अग्रवाल व अक्षत अग्रवाल सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं। संस्था के सदस्य दिन-रात नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक करने और नेत्रदान की प्रक्रिया को पूरा कराने में जुटे रहते हैं।
इसी क्रम में नई बस्ती निवासी संतोष महेंद्र (69 वर्ष), पुत्र कैलाश नारायण महेंद्र का निधन होने के बाद उनके परिजनों ने सक्षम संस्था को सूचना दी और नेत्रदान की इच्छा जताई। सूचना मिलते ही संस्था के मुकेश अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों की टीम का गठन करवाया। चिकित्सकों की टीम ने नेत्रदानी के निवास पर पहुंचकर दोनों आंखों को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया। संस्था के अनुसार दान की गई दोनों आंखें दो जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क प्रत्यारोपित की जाएंगी।
नेत्रदान की प्रक्रिया में डॉ. अरुणेश मिश्रा, डॉ. रितु शर्मा, डॉ. आयुषी, डॉ. पल्लवी, हर्षिता व शिफा की टीम का सहयोग रहा।
संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने कहा कि, “नेत्रदान ऐसा अनमोल उपहार है, जो व्यक्ति की अनुपस्थिति में भी किसी दूसरे के जीवन को प्रकाशमय करता है। इससे बढ़कर मानवता की

