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निक्का का आरोप—मातृ-शिशु अस्पताल को 2016 में केंद्र से मंजूरी मिली, अब राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश; कांग्रेस नेतृत्व से पूछा चार साल नूरपुर के मुद्दों पर चुप्पी क्यों?

RamParkash Vats
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भाजपा विधायक ने कांग्रेस पर भी बोला हमला, कहा—केंद्र की योजनाओं को प्रदेश सरकार की उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह न करें

भाजपा विधायक ने गिनाईं अपने कार्यकाल की उपलब्धियां, 78 नए ट्रांसफार्मर और 2,950 आवासों का किया दावा; प्रदेश सरकार पर भाजपा क्षेत्रों से भेदभाव का भी आरोप

*********** विपक्ष पर सीधा राजनीतिक प्रहार************

“जनता अब श्रेय की राजनीति नहीं, काम का हिसाब मांग रही है—चार साल सत्ता के करीब रहकर नूरपुर के मुद्दों पर आवाज क्यों नहीं उठाई गई? चुनाव नजदीक आते ही विकास कार्यों पर दावा करने से हकीकत नहीं बदलती

न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में बहुचर्चित मातृ-शिशु अस्पताल अब विकास से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच अस्पताल के निर्माण और इसके श्रेय को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नूरपुर के भाजपा विधायक रणबीर सिंह निक्का ने पूर्व विधायक अजय महाजन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अब उन योजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें केंद्र सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी।

नूरपुर में आयोजित भेंटवार्ता में विधायक निक्का ने कहा कि मातृ-शिशु अस्पताल को वर्ष 2016 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार से मंजूरी मिली थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। उनके अनुसार, मंजूरी मिलने के बावजूद लंबे समय तक जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई और चुनाव से ठीक पहले आनन-फानन में इसका शिलान्यास कर दिया गया। निक्का ने सवाल उठाया कि यदि यह योजना इतनी महत्वपूर्ण थी तो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसके लिए जमीन और अन्य प्रक्रियाओं को समय पर पूरा क्यों नहीं किया गया?निक्का ने पूर्व विधायक अजय महाजन से सीधा सवाल करते हुए कहा कि अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने नूरपुर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रदेश सरकार के समक्ष मजबूती से क्यों नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि आज जब राजनीतिक माहौल चुनाव की तरफ बढ़ रहा है तो जनता को नूरपुर की याद आ रही है और केंद्र से स्वीकृत योजनाओं पर भी अपना नाम जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा विधायक ने कांग्रेस संगठन पर भी राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि नूरपुर मंडल में भाजपा कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उन राजनीतिक ताकतों से सावधान रहने को कहा जो उनके अनुसार जनता के बीच राजनीति के नाम पर भ्रम पैदा करती रही हैं। निक्का ने कहा कि नूरपुर की राजनीति में अब जनता को विकास के वास्तविक काम और राजनीतिक दावों के बीच अंतर समझना होगा।उन्होंने पूर्व विधायक पर व्यक्तिगत राजनीतिक आरोप भी लगाए और कहा कि चुनाव के समय नूरपुर में सक्रियता बढ़ जाती है, जबकि चुनाव समाप्त होने के बाद जनता के मुद्दों पर वही सक्रियता दिखाई नहीं देती। हालांकि इन आरोपों पर पूर्व विधायक अजय महाजन का पक्ष सामने आना बाकी है।

अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए निक्का ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में 78 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। पुराने ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड करने तथा जर्जर बिजली तारों को बदलने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की आवास योजना के तहत नूरपुर क्षेत्र में करीब 2,950 मकानों का निर्माण हुआ है।निक्का ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में सिविल अस्पताल नूरपुर में अपेक्षित नए विकास कार्य नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जनता को यह स्पष्ट बताया जाना चाहिए कि कौन-सी योजना केंद्र सरकार की है और कौन-सी प्रदेश सरकार की, ताकि विकास कार्यों का राजनीतिक श्रेय लेने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।

विधायक ने कहा कि उन्होंने नूरपुर के जनहित से जुड़े अनेक मुद्दे विधानसभा में उठाए हैं, लेकिन कई मामलों में उन्हें केवल आश्वासन मिले और अपेक्षित कार्रवाई धरातल पर नहीं पहुंची। उन्होंने इसका कारण राजनीतिक भेदभाव बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों वाले क्षेत्रों के साथ प्रदेश सरकार समान व्यवहार नहीं कर रही।मातृ-शिशु अस्पताल को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बहस आने वाले समय में और तेज होने के संकेत दे रही है। एक तरफ भाजपा विधायक केंद्र की योजनाओं और अपने कार्यकाल के कामों को मुद्दा बना रहे हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से इन दावों का जवाब आने के बाद नूरपुर की सियासत में विकास बनाम श्रेय की लड़ाई और मुखर होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नूरपुर में अस्पताल, स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली, आवास और विकास योजनाएं प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल होती दिखाई दे रही हैं।

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