मनरेगा, बेंडर कार्यों और पंचायत समिति जसूर की दुकानों के आवंटन में अनियमितताओं का लगाया आरोप
न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

नूरपुर से विनय महाजन। नूरपुर के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अखिल बक्शी ने मनरेगा, पंचायत कार्यों तथा पंचायत समिति से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक शिकायत पत्र नायब तहसीलदार नूरपुर के माध्यम से सौंपा है। शिकायत पत्र की प्रतियां उपायुक्त कांगड़ा, एसडीएम नूरपुर, बीडीओ नूरपुर तथा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को भी भेजी गई हैं।बक्शी ने आरोप लगाया कि नूरपुर क्षेत्र में कांग्रेस संगठन से जुड़े दो जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ पूर्व में भ्रष्टाचार से संबंधित आरोप मीडिया के माध्यम से सामने आए थे। उन्होंने कहा कि इन्हीं आरोपों को गंभीरता से लेते हुए शिकायत के माध्यम से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन से जुड़े बताए जा रहे दोनों पदाधिकारियों में एक ब्लॉक स्तर तथा दूसरा जिला स्तर का पदाधिकारी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना भी अपेक्षित है।बक्शी के अनुसार शिकायत में मुख्य रूप से मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितता, बेंडर से संबंधित कथित गड़बड़ियों तथा पंचायत समिति जसूर में दुकानों के आवंटन से जुड़े मामलों को उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सरकारी राजस्व में जमा होने वाली धनराशि के संबंध में भी अनियमितता की आशंका है। उन्होंने इन सभी मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
बक्शी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर आरोपों की जांच के लिए समिति गठित नहीं की गई, तो वह संबंधित मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पूरे मामले की जांच करवाकर तथ्यों को सामने लाना है।उन्होंने कहा कि शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच संबंधित विभागों और जांच एजेंसियों द्वारा तथ्यों एवं रिकॉर्ड के आधार पर की जानी चाहिए। साथ ही, जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है और क्या किसी स्तर पर सरकारी धन या राजस्व को नुकसान पहुंचा है।बक्शी ने प्रशासन से मांग की है कि शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

