पुलिस की सख्ती का दिखने लगा असर, अवैध वन कटान के खिलाफ कार्रवाई से लोगों में बढ़ा उत्साह
दो वाहनों से खैर की लकड़ी के साथ इलेक्ट्रिक कटर, बैटरियां और चेन बरामद, 9 आरोपियों पर मामला दर्ज
न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन
नूरपुर: पुलिस जिला नूरपुर में अवैध वन कटान और वन संपदा की तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। डमटाल पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से खैर की लकड़ी के 84 मौछे (लट्ठे) बरामद किए हैं। पुलिस ने लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण भी कब्जे में लिए हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर उत्साह बढ़ा है और पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।पुलिस के अनुसार थाना डमटाल की टीम क्षेत्र में गश्त एवं नाकाबंदी पर तैनात थी। इसी दौरान इंदौरा मोड़, पठानकोट-मुकेरियां मार्ग पर डमटाल की ओर से आ रही एक इनोवा कार PB08 BL-9788 तथा एक बिना नंबर की पिकअप को जांच के लिए रोका गया। संदेह के आधार पर दोनों वाहनों की तलाशी ली गई तो पिकअप से खैर के 76 मौछे तथा इनोवा से 8 मौछे, कुल 84 मौछे बरामद हुए।
तलाशी के दौरान वाहनों से एक इलेक्ट्रिक कटर, 10 बैटरियां और तीन चेन भी बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक वाहन सवार खैर की लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध परमिट या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर लकड़ी की नियमानुसार पैमाइश करवाई गई और दोनों वाहन, लकड़ी तथा उपकरण कब्जे में ले लिए गए।पुलिस थाना डमटाल में अभियोग संख्या 144/2026, दिनांक 9 सितंबर 2026 के तहत धारा 303(2), 3(5) बीएनएस तथा धारा 41 और 42 भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले में राहुल कुमार, गुरप्रीत सिंह, विकास शर्मा, गोविन्द, बलविन्द्र सिंह उर्फ बन्टी, विशाल, अजय कुमार, ओम प्रकाश और अनिल कुमार को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों के संबंध में पुलिस द्वारा आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस अब केवल बरामदगी तक सीमित न रहकर खैर के अवैध कटान के मूल स्रोत, लकड़ी के गंतव्य और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला नूरपुर डी.सी. वर्मा नेबताया कि मामले की जांच जारी है तथा अवैध वन कटान एवं वन संपदा की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ अब सख्ती बरती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो वन माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

