संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन की रिपोर्ट

—दिव्यांगों में रोष, विधायक निक्का ने सरकार को घेरा
नूरपुर:हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को दी जा रही निःशुल्क यात्रा सुविधा को लेकर नई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार ने निःशुल्क और रियायती यात्रा का लाभ लेने वाले पात्र यात्रियों के लिए HIM BUS Card अनिवार्य किया है। अब बिना वैध कार्ड के निःशुल्क अथवा रियायती यात्रा का लाभ नहीं मिल रहा है।
HRTC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र दिव्यांगजनों के लिए राज्य के भीतर निःशुल्क यात्रा की सुविधा अभी जारी है।विवाद इस बात को लेकर है कि निःशुल्क यात्रा की सुविधा लेने के लिए लाभार्थियों को पहले भुगतान कर कार्ड बनवाना पड़ रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार HIM BUS Card के लिए 235 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
दिव्यांग वर्ग के कई लोगों का कहना है कि वे महीने में कभी-कभार ही बस से यात्रा करते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को महीने में केवल एक-दो बार यात्रा करनी हो तो उसके लिए पहले कार्ड बनवाने पर राशि खर्च करना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगों के लिए कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को लेकर भी परेशानी सामने आई है।
यह मामला हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है। सरकार की ओर से बताया गया था कि HRTC ने फर्जीवाड़े और कागजी पास के दुरुपयोग को रोकने तथा लाभार्थियों का सत्यापन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से RFID आधारित HIM BUS Card व्यवस्था लागू की है।इधर, नूरपुर के भाजपा विधायक रणबीर सिंह निक्का ने दिव्यांग वर्ग के लिए भुगतान वाले कार्ड की अनिवार्यता पर कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि दिव्यांगजनों को यह कार्ड निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाए और उनसे कार्ड के नाम पर कोई शुल्क न लिया जाए।निक्का ने कहा कि सरकार को अपने खर्चों में कमी लाने के प्रयास करने चाहिए, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए दिव्यांगजनों को पहले की तरह सहज और सम्मानजनक तरीके से निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की।गौरतलब है कि HRTC की आधिकारिक वेबसाइट पर भी पात्र दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा का प्रावधान दर्ज है।
इसलिए वर्तमान विवाद मुफ्त यात्रा सुविधा खत्म करने का नहीं, बल्कि उस सुविधा का लाभ लेने के लिए भुगतान वाले HIM BUS Card को अनिवार्य किए जाने का है।

