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डाडा सिब्बा में सीएम सुक्खू का भाजपा पर जोरदार हमला, ‘अटैची’ से लेकर कथित बेनामी संपत्तियों तक साधा निशाना

RamParkash Vats
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संसदीय क्षेत्र कांगड़ा-चंबा | चीफ ब्यूरो — विनय महाजन | दिनांक: 29 अगस्त 2026


डाडा सिब्बा में मछुआरा सम्मान निधि वितरण एवं मछुआरा सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर जमकर सियासी हमला बोला। मुख्यमंत्री के निशाने पर भाजपा का कथित धनबल, महंगाई, सोशल मीडिया अभियान, शराब नीति, हिमकेयर योजना और धर्मशाला की कथित बेनामी संपत्तियां रहीं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के लिए धनबल का इस्तेमाल किया गया और कांग्रेस विधायकों को खरीदने के प्रयास किए गए।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भाजपा नेताओं द्वारा कथित तौर पर अटैचियां लेकर पहुंचने के मुद्दे पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अटैचियां खाली थीं, क्योंकि उनमें मौजूद पैसा कांग्रेस विधायकों को खरीदने में खर्च हो चुका था। मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि उन अटैचियों में पैसा नहीं बल्कि चीनी और प्याज होते तो महंगाई के दौर में प्रदेश की जनता को कुछ राहत मिल सकती थी। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सत्ता हथियाने के लिए लोकतांत्रिक जनादेश को धनबल के जरिए प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि निचले हिमाचल से करीब 70 वर्ष बाद मुख्यमंत्री बना है और इसे हटाने के लिए भाजपा ने हरसंभव प्रयास किया।

‘सोशल मीडिया के पीछे नहीं, तथ्यों के साथ जवाब दे भाजपा’

मुख्यमंत्री ने भाजपा के शिमला स्थित कार्यालय से सोशल मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ अभियान चलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार के विकास कार्यों का विरोध करना है तो तथ्यों के साथ किया जाए, सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार करके नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार जनता के बीच किए गए वादों और विकास कार्यों के आधार पर जवाब देने को तैयार है।शराब नीति और हिमकेयर योजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी सरकार के कार्यकाल का हिसाब भी जनता के सामने रखना चाहिए और केवल राजनीतिक आरोप लगाने से वास्तविक मुद्दे नहीं छिप सकते।

धर्मशाला की कथित बेनामी संपत्तियों पर भी गरजे सीएम

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने राजनीतिक हमले को धर्मशाला में कथित बेनामी संपत्तियों तक पहुंचाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि गरीब लोगों की जमीनें कथित रूप से दूसरे लोगों के नाम पर खरीदी गईं और जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए कथित तौर पर गलत व फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और जांच करवाई जा रही है।उन्होंने कहा कि यदि जांच में बेनामी संपत्ति या गरीब लोगों की जमीन गलत तरीके से खरीदने की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसी जमीनों को वापस लेकर गरीबों के हित में इस्तेमाल करने की दिशा में सरकार कदम उठाएगी।

डाडा सिब्बा में मुख्यमंत्री के बयान के बाद हिमाचल की सियासत एक बार फिर आमने-सामने दिखाई दी। ‘अटैची’ के तंज से शुरू हुआ मुख्यमंत्री का हमला कथित बेनामी संपत्तियों तक पहुंचा, जिससे आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है, इस पर प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हैं।

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