संसदीय क्षेत्र कांगड़ा-चंबा | चीफ ब्यूरो — विनय महाजन | दिनांक: 26 अगस्त 2026
जसूर: नूरपुर फोरलेन परियोजना के तहत जसूर में पिछले करीब छह वर्षों से निर्माणाधीन फ्लाईओवर अब लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा का गंभीर सवाल बनता जा रहा है। बुधवार को फ्लाईओवर के लेटर से अचानक एक पत्थर नीचे गिर गया, जिससे ब्रिज के नीचे खड़ी एक कार का शीशा पूरी तरह टूट गया। गनीमत रही कि घटना के समय कार के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।घटना के बाद स्थानीय कारोबारियों और व्यापार मंडल जसूर में निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। व्यापारियों का कहना है कि फ्लाईओवर के ऊपर से पहले भी लोहे की भारी प्लेटें और अन्य निर्माण सामग्री नीचे गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
व्यापार मंडल जसूर के अध्यक्ष राजीव राजू ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि फ्लाईओवर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि ऊपर से पत्थर अथवा निर्माण सामग्री नीचे गिरने की घटनाओं को रोका जा सके।उन्होंने आरोप लगाया कि जसूर से कंडवाल तक फोरलेन मार्ग पर कई स्थानों पर पिछले कई दिनों से खतरनाक ब्लैक स्पॉट बने हुए हैं, लेकिन इन्हें दुरुस्त करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। निर्माण कार्य की धीमी गति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब छह वर्षों से अधूरा पड़ा फ्लाईओवर पहले ही यातायात व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। अब निर्माणाधीन ढांचे से पत्थर और भारी निर्माण सामग्री गिरने की घटनाओं ने खतरे को और बढ़ा दिया है।लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, ब्लैक स्पॉट को ठीक करने तथा निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप तेजी से पूरा करने की मांग की है।

