
सिरमौर/संगड़ाह। अवैध चूना-पत्थर खदानों के खिलाफ संघर्ष और पर्यावरण संरक्षण को लेकर वसुंधरा संरक्षण समिति संगड़ाह की कार्यकारिणी का गठन किया गया। समिति के गठन को लेकर आयोजित बैठक में क्षेत्र के करीब 50 लोगों ने भाग लिया। बैठक में क्षेत्र में लगातार बढ़ रही खनन गतिविधियों से पर्यावरण, कृषि भूमि और सड़क व्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से रणजीत सिंह चौहान को अध्यक्ष, सुरेंद्र सिंह कंठ को महासचिव, रणदीप सिंह को उपाध्यक्ष तथा चेतन शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना। वहीं वरिष्ठ पत्रकार योगेंद्र सिंह कपिला को मुख्य सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा विजय आजाद, सुरेंद्र कुमार, कपिल ठाकुर, सुरेश कुमार और संजय ठाकुर को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में चूना-पत्थर खदानों के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। खनन से निकलने वाले मलबे के कारण खेतों और जंगलों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ सड़कें भी प्रभावित हो रही हैं। वहीं खनन सामग्री लेकर चलने वाले ओवरलोड वाहनों से सड़कों की स्थिति खराब होने और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समिति सदस्यों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में संचालित अवैध खनन गतिविधियों की जानकारी जुटाकर संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष मामला उठाया जाएगा।
समिति ने स्पष्ट किया कि अवैध खदानों को बंद करवाने, प्राकृतिक संपदा की रक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा। पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से भी पर्यावरण बचाने के इस अभियान में सहयोग देने की अपील की।

