मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि हरिपुरधार पीएचसी को जल्द पुनः सिविल अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत किया जाए, ताकि इस दुर्गम क्षेत्र के लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

सिरमौर/हरिपुरधार:जिला परिषद सदस्य अंकिता ठाकुर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, पीएचसी को पुनः स्तरोन्नत करने की उठाई मांग: जिला सिरमौर के गिरिपार के पिछड़े और दुर्गम क्षेत्र हरिपुरधार में सिविल अस्पताल खोलने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। भाजपा नेत्री एवं जिला परिषद वार्ड नंबर-2 दाना घाटों की सदस्य अंकिता ठाकुर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हरिपुरधार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दर्जा बढ़ाकर उसे सिविल अस्पताल में स्तरोन्नत करने की मांग की है।
अंकिता ठाकुर ने जिला परिषद की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि हरिपुरधार करीब तीन दर्जन ग्राम पंचायतों का केंद्र स्थल है और यहां की पीएचसी में रोजाना सैकड़ों लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की कमी के कारण लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
जिला परिषद सदस्य ने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन जयराम सरकार ने हरिपुरधार पीएचसी को स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल का दर्जा दिया था और यहां चिकित्सकों व स्टाफ की तैनाती भी की गई थी। लेकिन कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इस सिविल अस्पताल को डीनोटिफाई कर दिया गया।
अंकिता ठाकुर ने कहा कि हरिपुरधार जैसे पिछड़े और कठिन क्षेत्र में सिविल अस्पताल की बेहद आवश्यकता है। क्षेत्र में कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पीएचसी में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि हरिपुरधार पीएचसी को जल्द पुनः सिविल अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत किया जाए, ताकि इस दुर्गम क्षेत्र के लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कांग्रेस नेता एवं हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बोर्ड के नामित सदस्य बृजराज ठाकुर के नेतृत्व में क्षेत्र के कई नेताओं ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर हरिपुरधार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाने की मांग उठाई है।

