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लकड़ी के तस्करों के हौसले बुलंद: क्या फतेहपुर के जंगलों को मैदान बनाकर छोड़ेंगे

RamParkash Vats
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वन माफिया?”तू डाल-डाल, मैं पात-पात”—वन माफिया और विभाग के बीच जारी है बिल्ली-चूहे का खेल

फतेहपुर(शिमला), 22 जून 2026/ राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल

उपमंडल फतेहपुर के जंगलों में सक्रिय खैर तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे रात के अंधेरे में बहुमूल्य खैर के पेड़ों पर आरी चला रहे हैं और वन विभाग व प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर लकड़ी को ठिकाने लगाने का प्रयास कर रहे हैं। सवाल उठने लगे हैं कि क्या वन माफिया फतेहपुर के घने जंगलों को मैदान बनाकर ही दम लेगा?

हालांकि, इस बार वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन परिक्षेत्र रे के अंतर्गत आने वाले वन देवी बीट, धमेटा में वन खंड अधिकारी रविन्द्र सिंह के नेतृत्व में लगाए गए विशेष नाके के दौरान अवैध रूप से काटे गए खैर के पेड़ों से लदी एक एनसी (छोटा मालवाहक वाहन) को रोकने का प्रयास किया गया।

बताया जा रहा है कि वाहन चालक ने नाका तोड़ते हुए वन कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश की और तेज गति से भाग निकला। वन कर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए वाहन का पीछा किया और दियाणा बीट में दो आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जीवन कुमार निवासी अम्ब तथा यूसुफ खान निवासी अम्ब के रूप में हुई है। वन विभाग ने वाहन से खैर के 28 मोच्छे (लट्ठे) बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जुनाट बीट से खैर के छह पेड़ अवैध रूप से काटे गए थे।

वन परिक्षेत्र अधिकारी सतपाल थिंद ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा इस अवैध कटान और तस्करी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि शेष आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।घटनास्थल पर वन रक्षक नवनीत सिंह, संजय धीमान, राकेश कुमार, सुरेन्द्र सिंह तथा वन मित्र अनुख किशन सिंह भी मौजूद रहे।संपादकीय टिप्पणीखैर तस्करी की लगातार सामने आ रही घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि वन माफिया का नेटवर्क अब संगठित रूप ले चुका है। यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाली पीढ़ियों के हिस्से में केवल बंजर पहाड़ और उजड़े जंगल ही बचेंगे। वन संपदा की रक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

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