
महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के इंदौरा स्थित काशीराम कॉलोनी में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृतक के भाई द्वारा कोतवाली में तहरीर दिए जाने के बावजूद दो दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट मृतक के भाई ने अब मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहल्ला शहजानी निवासी कपिल गुप्ता पुत्र सुरेश गुप्ता ने महमूदाबाद कोतवाली में दी गई तहरीर में अपने भाई राजकुमार गुप्ता की साजिश के तहत हत्या किए जाने की आशंका जताई है।

तहरीर के मुताबिक घटना 22 जुलाई 2026 की शाम करीब सात बजे की है। परिजनों को राजकुमार की मौत की सूचना मिलने पर वे सरकारी अस्पताल महमूदाबाद पहुंचे, जहां राजकुमार को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।मृतक के भाई का आरोप है कि राजकुमार का शव मोहल्ला इंदौरा स्थित काशीराम कॉलोनी निवासी शिवा और राजकुमारी उर्फ ज्ञाना मोटरसाइकिल से अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों द्वारा मौत के संबंध में पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि राजकुमार का गला कॉलोनी के एक कमरे की खिड़की में फंदे से बंधा था, जिसे खोलकर वे अस्पताल लेकर आए।तहरीर में मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि राजकुमार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी से आए दिन कहासुनी होती थी।
आरोप है कि राजकुमार अपनी पत्नी के कथित संबंधों का विरोध करता था और इसी कारण उसे पूर्व में जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं।शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना वाले दिन राजकुमार ने कथित तौर पर अपनी बहन को मोबाइल फोन पर पत्नी को किसी व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखे जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। तहरीर में आशंका जताई गई है कि इसी रंजिश के चलते राजकुमार की हत्या कर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।वहीं,
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, मृतक के परिजन इसे संदिग्ध मानते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।मृतक के भाई का कहना है कि कोतवाली में तहरीर देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।पुलिस का पक्ष: मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

