महमूदाबाद,16/06/2026/ सीतापुर।राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
महमूदाबाद बस स्टॉप के समीप यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए मार्गदर्शक साइन बोर्ड की जगह निजी शैक्षणिक संस्थान के प्रचार-प्रसार संबंधी फ्लैक्स लगाए जाने के मामले को ‘प्रमुख समाचार पत्रों व सोशल मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आ गया। खबर के प्रकाशन के बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर कार्रवाई की और सार्वजनिक स्थल से निजी संस्थान का प्रचार बोर्ड हटवा दिया।
गौरतलब है कि बस स्टॉप के पास लगा दिशा-सूचक (मार्गदर्शक) साइन बोर्ड लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा हुआ था। आरोप था कि यात्रियों और राहगीरों की सुविधा के लिए निर्धारित स्थान पर नया मार्गदर्शक बोर्ड लगाने के बजाय वहां निजी संस्थान एसआरजीआई (SRGI) का प्रचार बोर्ड लगा दिया गया था, जिससे लोगों को विभिन्न मार्गों और प्रमुख स्थलों की जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी।
मामले का एक गंभीर पहलू यह भी था कि टूटे हुए मार्गदर्शक साइन बोर्ड के अवशेष और उससे जुड़े लोहे के पार्ट अभी भी मौके पर लगे हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे निकले हुए ये जर्जर हिस्से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। विशेषकर रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान लोगों के चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। नागरिकों का कहना है कि कई बार लोग इन अवशेषों से टकराने से बाल-बाल बच चुके हैं।
‘सोशल मीडिया व समाचार पत्रों’ ने इस जनहित से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए थे। समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर सार्वजनिक स्थल से निजी प्रचार सामग्री को हटाने की कार्रवाई की।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया द्वारा जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाए जाने से जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय होती है और समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होता है। हालांकि लोगों का यह भी कहना है कि केवल निजी बोर्ड हटाना पर्याप्त नहीं है।
नागरिकों की मांग है कि क्षतिग्रस्त मार्गदर्शक साइन बोर्ड के शेष बचे अवशेषों और खतरनाक लोहे के हिस्सों को तत्काल हटाया जाए तथा वहां नया दिशा-सूचक बोर्ड स्थापित किया जाए, ताकि यात्रियों, बाहरी आगंतुकों और आम नागरिकों को सही मार्ग संबंधी जानकारी मिल सके और दुर्घटना की आशंका भी समाप्त हो सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बस स्टॉप सहित नगर के प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लगे सभी सूचना और दिशा-सूचक बोर्डों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं प्रतिस्थापन की मांग की है, जिससे भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
‘ समाचार पत्रों द्वारा उठाए गए इस जनहित के मुद्दे पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को नागरिक सकारात्मक पहल मान रहे हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नया मार्गदर्शक साइन बोर्ड कब स्थापित किया जाता है और टूटे हुए बोर्ड के खतरनाक अवशेषों को कब तक हटाया जाता है।

