लुटेरी दुल्हन ka sanketic photo
हमीरपुर,शिमला14 जून 2026/ राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश के शांत पहाड़ी इलाकों में अब विवाह जैसे पवित्र रिश्तों पर भी ठगी की परछाइयां पड़ती दिखाई दे रही हैं। प्रदेश में सामने आ रहे कथित फर्जी विवाह मामलों ने समाज में चिंता की लहर पैदा कर दी है। विशेषकर हमीरपुर, बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसे मामलों की बढ़ती चर्चाओं ने विवाह योग्य युवाओं और उनके परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।हाल ही में गलोड़ क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आरोप है कि एक महिला ने मात्र पांच महीनों के भीतर तीन अलग-अलग शादियां कीं और हर बार सुनियोजित तरीके से ससुराल छोड़कर फरार हो गई। बताया जा रहा है कि कभी मंदिर जाने, तो कभी किसी रिश्तेदार के निधन जैसे बहानों का सहारा लिया गया। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस तथ्यों की पड़ताल में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं हो सकता। जांच के दौरान कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है, जिसमें कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से विवाह करवाने, भरोसा जीतने और बाद में परिवारों को आर्थिक व मानसिक नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपनाते हैं। कई परिवार स्वयं को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बता रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं ने रिश्तों के प्रति अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है। पहले जहां विवाह संबंध सामाजिक पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और आपसी विश्वास के आधार पर तय किए जाते थे, वहीं अब लोग हर रिश्ते को संदेह की नजर से देखने लगे हैं। इसका सबसे अधिक असर उन युवाओं और परिवारों पर पड़ रहा है, जो पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती सामाजिक परिस्थितियां, बिचौलियों की बढ़ती भूमिका, लिंगानुपात में असंतुलन और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए बढ़ते संपर्क ऐसे मामलों को बढ़ावा देने वाले कारण बन रहे हैं। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह केवल आपराधिक मामला नहीं बल्कि गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले सकता है।पुलिस प्रशासन ने लोगों से विवाह संबंध तय करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी रिश्ते को अंतिम रूप देने से पहले परिवार की पृष्ठभूमि, पहचान पत्र, स्थायी पते और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच अवश्य की जानी चाहिए। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।प्रदेश में बढ़ती ऐसी घटनाएं अब केवल सुर्खियां नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बनती जा रही हैं।

