सीतापुर, उत्तर प्रदेश।राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
श्री गुरु सिंह सभा सीतापुर के पूर्व प्रधान एवं समाजसेवी सरदार चमन सिंह (78 वर्ष), निवासी घंटाघर, सीतापुर का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन के बाद पुत्र इंद्रपाल सिंह ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सक्षम संस्था से संपर्क कर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराने का अनुरोध किया।सक्षम संस्था के प्रयासों से आई हॉस्पिटल सीतापुर के चिकित्सकों की टीम का गठन किया गया, जिसने सफलतापूर्वक सरदार चमन सिंह की दोनों कॉर्निया सुरक्षित कर लीं। ये कॉर्निया अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी लाने का कार्य करेंगी।सक्षम संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने कहा कि सरदार चमन सिंह समाज सेवा के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहे और नेत्रदान जैसे पुण्य कार्यों को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके निधन के बाद उनके पुत्र द्वारा नेत्रदान कराकर इस प्रेरणादायक परंपरा को आगे बढ़ाया गया है।महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने कहा कि सिख समाज ने हमेशा नेत्रदान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जो लोग मृत्यु के बाद नेत्रदान करते हैं, वे दो नेत्रहीन व्यक्तियों को इस सुंदर संसार को देखने का अवसर प्रदान करते हैं।संस्था के मीडिया प्रभारी विकास अग्रवाल ने कहा कि सरदार चमन सिंह भले ही इस दुनिया को छोड़ गए हों, लेकिन उनकी आंखें अब दूसरों के जीवन में उजाला बिखेरेंगी। वहीं अक्षत अग्रवाल ने बताया कि सक्षम संस्था द्वारा अब तक कुल 281 नेत्रदान संपन्न कराए जा चुके हैं।संस्था के सुभाष अग्निहोत्री ने कहा, “जिसने नेत्रदान किया, उसने अंधेरे से नाता तोड़कर इंसानियत को उजाला दिया।”इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सरदार चमन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के इस निर्णय को मानवता के लिए प्रेरणादायक बताया।

