बैठक में जिले में बढ़ते नशे के खतरे, युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने, जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

यह बैठक केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि समाज को नशे के विरुद्ध एकजुट करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने का सशक्त संदेश भी थी।

कांगड़ा जिले को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा (SP) और उपायुक्त कांगड़ा (DC) ने नगर परिषद कांगड़ा में ड्रग प्रिवेंशन कमेटी के साथ एक अहम बैठक आयोजित की।

बैठक में जिले में बढ़ते नशे के खतरे, युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने, जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का साझा दायित्व है। जब तक परिवार, शिक्षक, सामाजिक संगठन, पंचायतें, धार्मिक संस्थाएं और युवा स्वयं आगे नहीं आएंगे, तब तक इस चुनौती पर पूरी तरह नियंत्रण पाना कठिन होगा।

आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने आसपास के वातावरण पर सतर्क नजर रखें। यदि किसी युवक या किशोर में नशे की लत के संकेत दिखाई दें तो उसे अपराधी नहीं, बल्कि समाज के सहयोग और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता वाले व्यक्ति के रूप में देखें। समय रहते परामर्श, उपचार और पारिवारिक सहयोग से अनेक युवाओं को नई जिंदगी दी जा सकती है।
नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को प्रभावित करता है। यह युवाओं के सपनों को तोड़ता है, अपराध को बढ़ावा देता है और समाज की प्रगति में बाधा बनता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाए, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाए और युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास तथा सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करे।

ड्रग प्रिवेंशन कमेटी के सदस्यों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया गया। गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

आइए, हम सभी संकल्प लें कि न तो स्वयं नशे की ओर बढ़ेंगे और न ही अपने परिवार, मित्रों और समाज को इसकी चपेट में आने देंगे। एक जागरूक नागरिक बनकर प्रशासन का सहयोग करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए नशा मुक्त कांगड़ा, सुरक्षित कांगड़ा और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। यही हमारी सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी और भविष्य के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता होगी।

