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कांग्रेस को मजबूत बनाने का आह्वान, अनुशासनहीनता पर नो टॉलरेंस: प्रतिभा सिंह और राठौर ने दिए सख्त संकेत

RamParkash Vats
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SHIMLA/03/04/2026/SCB VIJAY SAMYAL

प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने पीसीसी के नव नियुक्त पदाधिकारियों से सदस्यता अभियान को तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी पदाधिकारियों को एकजुट होकर कार्य करना होगा और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। होली लॉज में आयोजित बैठक के दौरान प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार कार्यकर्ताओं की मेहनत से बनी है, इसलिए उनके मनोबल को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने नव नियुक्त पदाधिकारियों को आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अभी से सक्रिय होने, रणनीति बनाने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

न्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि पार्टी को और अधिक मजबूत बनाना अब सभी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर तक सशक्त करना समय की आवश्यकता है।

धर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि संगठन की मजबूती अनुशासन पर ही टिकी होती है। शुक्रवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने दो टूक कहा कि अनुशासनहीनता पर कांग्रेस में “नो टॉलरेंस” की नीति लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुरूप कार्य करना सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है और किसी भी दबाव में निर्णय नहीं लिए जाएंगे।

राठौर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विधायक, पदाधिकारी या नेता संगठनात्मक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करता है या पार्टी मंच से बाहर अपनी व्यक्तिगत राय सार्वजनिक करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

इस दौरान राठौर ने अमेरिका की ओर से सेब पर जीरो टैरिफ की मांग पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि आयात शुल्क कम किया गया तो सस्ते विदेशी सेब हिमाचल की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विधानसभा में पारित प्रस्ताव को केंद्र के लिए सशक्त संदेश बताते हुए उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से भी एकजुट होकर किसानों के हित में ऐसे प्रस्ताव पारित करने की अपील की। साथ ही किसान आयोग के गठन के फैसले का स्वागत करते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।

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