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RAJA KA TALAB/01/14/2026 SCB VIJAY SAMYAL
किन्नर डेरा राजा का तालाब की बाबा जस्सी अपनी व्यथा सुनाती हुई
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल फतेहपुर के अंतर्गत राजा का तालाब में किन्नरों का एक पुराना डेरा स्थित है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार यह डेरा लगभग 75 वर्षों से अधिक समय से यहां रह रहा है और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अपना कार्य करता आ रहा है।
बाबा जस्सी के अनुसार किन्नर परंपरा में गुरु-चेला प्रणाली का विशेष महत्व होता है। गुरु अपने उत्तराधिकारी के रूप में चेले को तैयार करता है, जो आगे चलकर उसी कार्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। बाबा जस्सी ने जारी एक वीडियो में आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके चेलों को कुछ बाहरी लोगों द्वारा डराया और धमकाया जा रहा है। उनका कहना है कि ये लोग पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर जैसे स्थानों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
वीडियो में बाबा जस्सी ने यह भी कहा कि उन्हें मारपीट की धमकियां मिल रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार और प्रशासन से अपने डेरे के साथ-साथ स्वयं और अपने चेलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
गौरतलब है कि किन्नरों के बीच परंपरागत रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का कार्यक्षेत्र निश्चित होता है, जहां वे लोगों के घरों में विधाई लेने जाते हैं। यदि कोई दूसरे क्षेत्र में प्रवेश करता है तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
बाबा जस्सी का कहना है कि राजा का तालाब स्थित यह डेरा कांगड़ा और चंबा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन इन दिनों बाहरी प्रदेशों के किन्नरों की नजर उनके कार्यक्षेत्र पर है। इसी कारण उन्हें और उनके चेलों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश सरकार और प्रशासन से सहायता व सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।

