RAJGHAR(SHIMLA) /30 MARCH 2026/SCB VOJAY SAMYAL
VIEDO
राजगढ़ क्षेत्र के चूरवाधार मार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में रोष व्याप्त है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ शरारती तत्व निगम कर्मचारियों के साथ बहस और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
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घटना के विरोध में आज HRTC सब डिपो राजगढ़ में चालक एवं परिचालकों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया को पूरे मामले की जानकारी दी गई। इस दौरान ड्राइवर यूनियन के प्रांतीय संगठन मंत्री बालकृष्ण ठाकुर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि निगम में पहले से ही चालकों की भारी कमी चल रही है। ऐसे में जिस चालक के साथ यह घटना हुई, वह भी एक महीने पहले ही ऑपरेशन से उबरकर ड्यूटी पर लौटा था, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है।
कर्मचारियों के अनुसार, शाम करीब 5:45 बजे निगम की बस चूरवाधार क्षेत्र से गुजर रही थी। सड़क संकरी होने के कारण चालक बस को सावधानीपूर्वक धीरे-धीरे निकाल रहा था। इसी दौरान कुछ नशे में धुत लोगों ने बस को रोक लिया और चालक के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने बस की खिड़की खोलकर चालक पर हमला किया और उसकी वर्दी तक फाड़ दी।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि चालक को चलती बस से नीचे उतारने की कोशिश की गई और उसके साथ मारपीट की गई, लेकिन चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। उसने तुरंत बस को बंद कर दिया, जिससे बस में सवार 20-25 यात्रियों की जान बच गई। उस समय बस में महिला यात्री, स्कूली छात्र और मरीज भी मौजूद थे।
घटना के बाद चालक ने बस को सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचाया और रात करीब 9 बजे राजगढ़ थाना में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
HRTC कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 20 घंटे बीत जाने के बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने सरकार, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग उठाई है कि जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और नर्सों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, उसी तर्ज पर चालक और परिचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस नियम बनाए जाएं।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में चलने वाली निगम की सभी बस सेवाएं बंद कर दी जाएंगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

