Latest मेरा संपादकीय दृष्टिकोण News
हिमाचल प्रदेश की लुप्त होती मातृभाषाएँ — सब उन्नति को मूल/हिमाचल की मातृभाषाएँ : संस्कृति की जड़ों से जुड़ने का आख़िरी पुल
जब भाषा मुरझाती है, तो उसके साथ एक पूरी सभ्यता की खुशबू…
संपादकीय: हिमाचल की शांति पर बढ़ते अपराधों की छाया — अब निर्णायक कदमों का समय
महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि हमारे समाज की…
भूजल में सेलेनियम प्रदूषण : मानवता के लिए गंभीर खतरा
परिचय : जल संकट का गहराता आयाम मानव सभ्यता की जड़ें जल…
क्योंकि जब राजनीति नैतिकता से दूर होती है, तो लोकतंत्र अपनी दिशा खो देता है।और जब जीत का भूत सिर पर सवार होता है, तो हार जनता की होती है ………?
यह केवल विचार नहीं, बल्कि समय की पुकार है।क्योंकि जब राजनीति नैतिकता…
हिमाचल की अर्थव्यवस्था : कर्ज के जाल में फंसा राज्य
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में स्वीकार किया कि राज्य…
विकास की रफ़्तार और पर्यावरण की कीमत — हिमाचल के सामने दोराहा
यदि हम विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन नहीं बना सके, तो…
सामाजिक अन्याय, विशेषकर छुआछूत और जातिगत भेदभाव, हमारे समाज की पुरानी लेकिन गहरी जड़ें हैं जिन्हें उखाड़ फेंकना आसान नहीं।
हिमाचल प्रदेश से आई यह खबर कि राज्य में छुआछूत की घटनाओं…
“राजनीति तब ही शुद्ध होती है जब वह जनता को जोड़ती है, तोड़ती नहीं।चुनाव बीत जाते हैं, लेकिन शब्दों का ज़हर समाज में पीढ़ियाँ झुलसा देता है।”
विहार चुनाव और ज़हरीली राजनीति : लोकतंत्र की आत्मा पर आघात विहार…
बीते पच्चीस वर्षों से फिजिकल एजुकेशन अध्यापक लगातार उपेक्षा के शिकार हैं। यह केवल एक शिक्षक वर्ग के साथ अन्याय नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के समग्र ढांचे के साथ भी गंभीर अन्याय है।
संपादकीय मंथन, चिंतन और विश्लेषण शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं…
वर्तमान हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति
राज्य सरकार का कर्ज अब 80,000 करोड़ रुपये के पार पहुँच चुका…

