शिमला 19 मार्च 2026 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट सदन में पेश किया, जिसे बाद में पारित कर दिया गया। यह बजट राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं, विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं को पूरा करने के उद्देश्य से लाया गया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जो वित्त विभाग भी संभाल रहे हैं, ने सदन में बताया कि इस सप्लीमेंट्री बजट का बड़ा हिस्सा राज्य की आर्थिक प्रतिबद्धताओं और विकास योजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है।
बजट का प्रमुख विवरण
सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार—
36,374.61 करोड़ रुपये राज्य योजनाओं के लिए
4,087.34 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए रखे गए हैं
किन-किन क्षेत्रों में हुआ बड़ा खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है—
26,194.95 करोड़ रुपये: ओवरड्राफ्ट और वित्तीय देनदारियों की अदायगी
4,150.14 करोड़ रुपये: बिजली सब्सिडी और ऊर्जा क्षेत्र
818.20 करोड़ रुपये: प्राकृतिक आपदा राहत
785.22 करोड़ रुपये: पेयजल व स्वच्छता
657.22 करोड़ रुपये: स्वास्थ्य सेवाएं (HIMCARE, SAHARA, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं)
इसके अलावा शिक्षा, ग्रामीण विकास, सड़क, पुल, सामाजिक कल्याण और आधारभूत ढांचे के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर फोकस
केंद्र से जुड़ी योजनाओं में भी सरकार ने बड़ी राशि निर्धारित की है—
2,453.97 करोड़ रुपये: आपदा प्रबंधन
688.40 करोड़ रुपये: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
अन्य योजनाओं में आवास, मनरेगा, आयुष और सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं
क्या बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह सप्लीमेंट्री बजट राज्य के विकास को गति देने और चल रही योजनाओं को मजबूती देने के लिए जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद जनकल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने यह भी संकेत दिए कि राज्य की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।
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