ऐक्सीडेंट का संकेतिक चित्र
न्यूज़ इंडिया आजतक, भरमाड़,हिमाचल न्यूज़ डेक्स सूत्र
कुल्लू जिले के सैंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हरावाग (शरण) सड़क पर रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोलेरो कैंपर (एचपी-65ए-0956) को चालक लोकेश निवासी जिला मंडी चला रहा था। देर रात हरावाग (शरण) सड़क के पास अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते गाड़ी सड़क से फिसलकर करीब 200 मीटर नीचे पहाड़ी ढलान में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि चालक लोकेश और फागनू राम निवासी बाली चौकी, जिला मंडी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों शवों को गहरी खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने थाना सैंज में मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि पुलिस अधीक्षक कुल्लू मदन लाल कौशल ने की है।
रात में अधिकतर सड़क हादसे होने के प्रमुख कारण
कम दृश्यता (Low Visibility): रात के समय रोशनी कम होने से सड़क, मोड़ और बाधाएं स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
नींद और थकान: देर रात ड्राइविंग के दौरान चालक को नींद आने या थकान होने की संभावना बढ़ जाती है।
तेज गति: रात में सड़क खाली होने के कारण कई चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं।
नशे में ड्राइविंग: कई मामलों में शराब या अन्य नशे के प्रभाव में वाहन चलाने से दुर्घटनाएं होती हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा: पहाड़ी सड़कों पर तीखे मोड़, गहरी खाई और संकरी सड़कें रात में दुर्घटना का जोखिम और बढ़ा देती हैं।
वाहन की लाइट या तकनीकी खराबी: हेडलाइट या ब्रेक की खराबी भी रात के समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार रात में वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना, पर्याप्त आराम के बाद ड्राइविंग करना और सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

