शिमला 02/03/2026,चीफ़ ब्यूरो, विजय समयाल
Himachal Pradesh Police ने महिला कर्मियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न के मामलों में कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक Ashok Tiwari के निर्देश पर प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों में Sexual Harassment of Women at Workplace Act (पोश एक्ट 2013) के अनुपालन का 15 दिनों के भीतर व्यापक ऑडिट कराया जाएगा।
मुख्यालय सूत्रों के अनुसार यह ऑडिट महज औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की पड़ताल करेगा। प्रत्येक कार्यालय में आंतरिक शिकायत समितियों के गठन, उनकी सक्रियता, शिकायतों के निस्तारण की समयबद्ध प्रक्रिया, गोपनीयता प्रावधान, जागरूकता कार्यक्रमों तथा वार्षिक रिपोर्टिंग की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इस प्रक्रिया की निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। तय समयसीमा में अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी होगी। स्पष्ट किया गया है कि जहां समिति का गठन नहीं पाया गया या कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आई, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। तथ्यों को छिपाने या अधिनियम की अनदेखी को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
डीजीपी अशोक तिवारी ने दोहराया कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न ‘जीरो टॉलरेंस’ की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि यह पहल संस्थागत सुधार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुलिस विभाग में लैंगिक संवेदनशीलता को मजबूत करना और महिला कर्मियों के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल महिला कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुदृढ़ होगी।
Himachal Pradesh Police ने पोश कानून अनुपालन के लिए 15 दिन में ऑडिट के निर्देश दिए। डीजीपी Ashok Tiwari ने लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
Leave a comment
Leave a comment

