न्यूज इंडिया आजतक मुख्यकार्यालय हिमाचल न्यूज़ डेक्स, संपादक राम प्रकाश बत्स

शिमला 01 मार्च 2026: हिमाचल प्रदेश में आर्थिक तंगहाली के बीच राज्य सरकार ने विधायक प्राथमिकता योजनाओं के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रत्येक विधायक आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र से केवल एक ही नई योजना प्राथमिकता में भेज सकेंगे। पूर्व में जहां सड़क, पेयजल, सिंचाई अथवा सीवरेज की दो-दो नई योजनाएं शामिल की जाती थीं, वहीं पिछले वर्षों में इन्हें क्रमशः कम किया गया और अब संख्या घटाकर एक कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत विधायक सड़क या पुल, लघु सिंचाई, ग्रामीण पेयजल अथवा मल निकासी में से केवल एक योजना को वास्तविक नई योजना (आरएनई) के अंतर्गत प्राथमिकता दे सकेंगे। हालांकि, चालू योजनाओं के मरम्मत एवं रखरखाव के लिए हर हेड से एक-एक योजना भेजने की अनुमति रहेगी। इनमें सड़कों या पुलों की मरम्मत, लघु सिंचाई, ग्रामीण पेयजल एवं सीवरेज तथा सरकारी शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित कार्य शामिल होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई योजनाओं की संख्या में कटौती से विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। वहीं सरकार का तर्क है कि सीमित संसाधनों के बीच व्यावहारिक और प्राथमिक जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद ने इस संबंध में सभी विधायकों को पत्र जारी कर दिया है। विधायक 10 मार्च तक अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से डाक अथवा ई-मेल द्वारा भेज सकेंगे। इन्हें आगामी बजट में शामिल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र का दूसरा चरण 18 मार्च से प्रारंभ होगा, जबकि पहला चरण 16 से 18 फरवरी के बीच संपन्न हो चुका है।

