SITAPUR (UP,27/02/2025/अनुज कुमार जैन राज्य चीफ ब्यूरो
“नेत्रदान करेंगे, दुनिया फिर से देखेंगे” — इस वाक्य को चरितार्थ करते हुए सिविल लाइंस निवासी 92 वर्षीय प्रकाश चंद जैन (पुत्र स्व. सुलेख चंद्र जैन) ने जीवन की अंतिम बेला में दो नेत्रहीनों के जीवन में रोशनी देने का संकल्प साकार कर दिया। बीमारी के चलते उनका निधन हो गया, लेकिन मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों ने नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की।
सक्षम संस्था के मीडिया प्रभारी विकास अग्रवाल ने बताया कि प्रकाश चंद जैन के निधन के बाद उनके पुत्र डॉ. प्रदीप जैन व डॉ. मनीष जैन तथा पौत्र आशीष, नमन और अक्षत ने तत्काल सक्षम संस्था के सुभाष अग्निहोत्री से संपर्क किया। इसके उपरांत आई हॉस्पिटल सीतापुर की चिकित्सकीय टीम— डॉ. अरुणेश मिश्रा, डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ. निकिता अग्रवाल, डॉ. किसले अंशुल, डॉ. विजय सिंह एवं डॉ. पल्लवी — ने सिविल लाइंस स्थित आवास पहुंचकर एक छोटे से ऑपरेशन के माध्यम से उनकी दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त कीं।
प्राप्त कॉर्निया दो नेत्रहीन व्यक्तियों को निशुल्क प्रत्यारोपित कर उनके जीवन में फिर से उजाला भरेंगी। संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “धन्य हैं वे लोग, जो दुख की घड़ी में भी दूसरों की सहायता के लिए आगे आते हैं।”
महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने बताया कि नेत्रदान ऐसा अनमोल उपहार है, जो व्यक्ति की अनुपस्थिति में भी किसी के जीवन को प्रकाशमान करता है और जीवन को सच्चे अर्थों में सार्थक बनाता है। उन्होंने कहा कि सीतापुर में नेत्रदान के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, जो क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
गौरतलब है कि सक्षम संस्था द्वारा यह 278वां नेत्रदान संपन्न कराया गया, जो समाज में बढ़ती जागरूकता और मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक है।

