पतंग उड़ाने का मौसम आते ही छतों और मैदानों में रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान सज जाता है, लेकिन इस खुशी के साथ एक गंभीर खतरा भी जुड़ा हुआ है—चाइनीज़ मांझा। आज बाजार में ऐसा मांझा खुलेआम बिक रहा है जो अत्यंत मजबूत, धारदार और कांच अथवा केमिकल से लेपित होता है। यह मांझा सिर्फ पतंग काटने के काम नहीं आता, बल्कि पलभर में किसी की जिंदगी की सांसें छीन लेने की ताकत रखता है। दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों, बच्चों और पक्षियों के लिए यह मांझा मौत का फंदा बन चुका है। गले, चेहरे या हाथ पर फंसते ही यह मांझा गहरे जख्म कर देता है, कई मामलों में नसें कट जाती हैं और अत्यधिक रक्तस्राव से जान तक चली जाती है। सबसे दुखद बात यह है कि यह सब महज मनोरंजन की लापरवाही के कारण होता है। पतंग उड़ाना हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन आनंद के नाम पर किसी की जान जोखिम में डालना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इसलिए मांझा खरीदते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। सादा सूती मांझा ही इस्तेमाल करें, चाइनीज़ या नायलॉन मांझे से पूरी तरह परहेज करें और दूसरों को भी इसके खतरों के प्रति जागरूक करें। याद रखें, थोड़ी सी सतर्कता कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकती है।

संकेतिक चित्र
चाइनीज़ मांझा क्या है? — एक घातक खतरे पर चेतावनी
चाइनीज़ मांझा पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाला वह धागा है, जिसे साधारण सूती धागे के बजाय नायलॉन, प्लास्टिक फाइबर, कांच के बारीक चूर्ण और रासायनिक पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसे बेहद तेज़ और मजबूत बनाया जाता है ताकि यह दूसरी पतंगों की डोर आसानी से काट सके। यही “तेज़ी” इसे मनोरंजन के साधन से बदलकर जानलेवा हथियार बना देती है। कई राज्यों में यह पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद चोरी-छिपे बिक रहा है।
क्यों है चाइनीज़ मांझा जानलेवा?
चाइनीज़ मांझा सामान्य धागे की तरह टूटता नहीं, बल्कि रेज़र ब्लेड की तरह काटता है। दोपहिया वाहन सवार, साइकिल चालक, पैदल राहगीर और पक्षी इसके सबसे बड़े शिकार बनते हैं। तेज़ रफ्तार में यह गर्दन, चेहरा, हाथ या सीने पर पड़ते ही गहरे घाव, नस कटना और कई मामलों में तुरंत मौत का कारण बनता है। हेलमेट पहनने के बावजूद खुली गर्दन और चेहरे पर यह जानलेवा साबित होता है।
लखनऊ की घटनाएँ: चेतावनी की घंटी
लखनऊ में बीते 24 घंटों में सामने आई घटनाएँ इस खतरे की भयावहता को उजागर करती हैं। पहले 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब की गर्दन कटने से मौत और फिर गोमतीनगर विस्तार में एक रिटायर्ड फौजी का गंभीर रूप से घायल होना—यह साफ संकेत है कि चाइनीज़ मांझा अब सिर्फ त्योहारों तक सीमित खतरा नहीं रहा। रिटायर्ड फौजी की ठोड़ी और होंठ तक गहरा घाव इस बात का प्रमाण है कि यह धागा कितनी निर्दयता से शरीर को काटता है।
कानून और प्रशासन की सख्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन हादसों पर सख्त नाराज़गी जताते हुए चाइनीज़ मांझे की बिक्री और भंडारण पर छापेमारी के निर्देश दिए हैं। कई राज्यों में इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग पर कड़ी सजा और जुर्माना निर्धारित है। इसके बावजूद कुछ लोग मुनाफे के लालच में कानून तोड़कर आम लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
आम नागरिकों के लिए चेतावनी और सावधानियाँ
- सड़क पर चलते समय खासकर पतंग के मौसम में सतर्क रहें।
- दोपहिया वाहन चलाते समय फुल-फेस हेलमेट, गर्दन ढकने वाला स्कार्फ/कॉलर पहनें।
- बच्चों को चाइनीज़ मांझे के खतरे के बारे में स्पष्ट रूप से समझाएँ।
- कहीं भी इसकी बिक्री दिखे तो पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।
- sयदि कहीं टूटा हुआ मांझा लटका दिखे, तो उसे नंगे हाथ न छुएँ।
अपील
चाइनीज़ मांझा कोई खेल नहीं, मौत का धागा बन चुका है। एक पल का शौक किसी की पूरी ज़िंदगी छीन सकता है। समाज, अभिभावक और प्रशासन—तीनों की जिम्मेदारी है कि इस पर पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें और लोगों को जागरूक करें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएँ दोबारा न हों।

