SANKETIK PHOTO
INEWS INDIA AAJTAK27/01/2026,EDITOR RAM PARKASH VATS
दुनिया का दस्तूर है कि जब मुसीबत के बादल घिरते हैं, तो अक्सर अपने भी किनारा कर लेते हैं। स्वार्थ और भय के आगे बड़े-बड़े रिश्ते दम तोड़ देते हैं। लेकिन हिमाचल के चंबा-भरमौर की बर्फिली चोटियों से वफादारी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने इंसानियत को आईना दिखा दिया है। यह कहानी है 14 वर्षीय पीयूष और उसके उस बेजुबान दोस्त की, जिसने मौत की गोद में भी अपने मालिक का साथ नहीं छोड़ा।
बर्फ की चादर और वफादारी का पहरा
भरमाणी माता मंदिर की ऊँची जोत, जहाँ चारों ओर 3 से 4 फीट गहरी बर्फ की सफेद चादर बिछी थी और हाड़ कँपा देने वाली ठंड थी। उस दुर्गम और निर्जन स्थान पर पीयूष का पार्थिव शरीर पड़ा था। लेकिन वह अकेला नहीं था। उसके पास मौजूद था उसका पालतू कुत्ता, जो पिछले चार दिनों से बिना कुछ खाए-पिये, मौत को मात देकर अपने मालिक की रक्षा कर रहा था।
”शायद वह रोटी का एक टुकड़ा ही था जो उसने कभी पीयूष के हाथ से खाया होगा, लेकिन उस अहसान और प्यार का कर्ज उसने चार दिनों तक यमराज के द्वार पर पहरा देकर चुकाया।”
जब रेस्क्यू टीम भी ठिठक गई
जब सेना के हेलिकॉप्टर और रेस्क्यू टीम घंटों की मशक्कत के बाद उस स्थान पर पहुँचे, तो नज़ारा दिल दहला देने वाला था। वह बेजुबान जानवर भूख और ठंड से अधमरा हो चुका था, लेकिन उसकी ममता और वफादारी में कोई कमी नहीं आई थी। वह किसी को भी शव के करीब आने नहीं दे रहा था—मानो कह रहा हो कि जब तक मेरी सांसें हैं, मेरे दोस्त को कोई छू नहीं सकता।
चार दिन की तपस्या: न भोजन, न पानी, बस सिर्फ अपने मालिक की गंध और उसके साथ बिताए पलों की यादें।
निस्वार्थ प्रेम: जहाँ इंसान खतरे को देखकर पीछे हट जाते हैं, वहाँ इस बेजुबान ने कुदरत के कहर का डटकर सामना किया।
वफादारी की मिसाल
यह घटना हमें सिखाती है कि प्यार केवल शब्दों का खेल नहीं है। पीयूष तो अब इस दुनिया में नहीं रहा, लेकिन उसका वह वफादार साथी आज जीवित प्रमाण है कि जानवर कभी अहसान फरामोश नहीं होते। इंसान भले ही अपनी सहूलियत के हिसाब से रिश्ते बदल ले, लेकिन एक कुत्ता अपनी आखिरी सांस तक उस प्यार को याद रखता है जो उसे कभी मिला था।
भरमाणी माता की पहाड़ियों में गूंजती उस कुत्ते की रक्षक वाली छवि सालों तक याद रखी जाएगी। वह कुत्ता अब सुरक्षित है, लेकिन उसकी आँखों में अपने मालिक को खोने का जो गम और उसे बचाने की जो तड़प थी, उसने पूरी दुनिया की आँखों को नम कर दिया है।
क्या आप चाहते हैं कि मैं इस घटना पर एक छोटी कविता या सोशल मीडिया के लिए कोई श्रद्धांजलि संदेश तैयार करूँ?

