DELHI (SHIMLA) 27 JAN 2026/ SANPADAN RAM PARKASH VATS
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू किंजरापु से शिष्टाचार भेंट की। यह बैठक हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ और विस्तारित करने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यटन संभावनाओं तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हवाई सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने विशेष रूप से कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डा न केवल कांगड़ा घाटी बल्कि धर्मशाला, मैक्लोडगंज और चंबा जैसे पर्यटन क्षेत्रों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बढ़ती यात्री संख्या और पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए हवाई अड्डे के विस्तार हेतु विशेष केंद्रीय सहायता आवश्यक है, जिससे बड़े विमानों की आवाजाही संभव हो सके और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन का समय वर्तमान सीमा से बढ़ाकर सायं 4 बजे तक करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सीमित समय के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है और उड़ानों की संख्या भी प्रभावित होती है। साथ ही, उन्होंने कम दृश्यता की स्थिति में उड़ानों के सुरक्षित संचालन के लिए विशेष विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे मौसम संबंधी बाधाओं के बावजूद हवाई सेवाएं अधिक विश्वसनीय बन सकें।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़–शिमला हवाई मार्ग पर उड़ानों की आवृत्ति बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग प्रशासनिक, व्यावसायिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और उड़ानों की संख्या बढ़ने से आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा।केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए तथा राज्य सरकार को इस दिशा में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। यह बैठक राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

