चेतावनी: नाबालिग विवाह कानूनन अपराध है — दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय
रोहड़ू (शिमला):12/01/2025/ सूत्र
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के दुर्गम क्षेत्र डोडरा-क्वार से कानून को ठेंगा दिखाने वाले नाबालिग विवाह के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में शादी के महीनों बाद अस्पताल में हुई स्वास्थ्य जांच ने ऐसा खुलासा किया, जिसने न केवल परिजनों बल्कि प्रशासन को भी चौंका दिया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पहला मामला: चोरी-छिपे शादी, अस्पताल में खुली पोल
पहले मामले में एक किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह फरवरी 2025 में अपने माता-पिता को बिना बताए गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी और दोनों ने विवाह कर लिया। मामला तब उजागर हुआ जब 9 जनवरी 2026 को वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोडरा में स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंची।
जांच के दौरान आधार कार्ड सत्यापन में चिकित्सक ने उसे नाबालिग पाया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिस पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
दूसरा मामला: जून में शादी, जनवरी में सच्चाई सामने
इसी क्षेत्र से जुड़ा दूसरा मामला भी कम चौंकाने वाला नहीं है। एक अन्य लड़की ने बयान दिया कि वह जून 2025 में परिजनों की जानकारी के बिना गांव के युवक के साथ चली गई और विवाह कर लिया। 9 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य जांच के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि लड़की ने 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि नाबालिग विवाह एक गंभीर अपराध है। इसमें शामिल व्यक्ति—चाहे वह वर-वधू हों या विवाह करवाने वाले—कानून के शिकंजे से नहीं बचेंगे। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
कानून का संदेश
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। समाज की चुप्पी ऐसे अपराधों को बढ़ावा देती है—जबकि कानून का उद्देश्य बच्चों के भविष्य की रक्षा करना है।
संकेतिक चि

