कांग्रेस के वादों से बदहाल हुई प्रदेश की तस्वीर: जयराम ठाकुर
शिमला /11/01/2026/ चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
गगरेट (ऊना) हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रविवार को ऊना जिला प्रवास के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने व्यवस्था परिवर्तन और सुख की सरकार के नारे दिए थे, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद प्रदेश की स्थिति पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है।
यहां पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में जिस तरह की प्रशासनिक अव्यवस्था और अराजकता फैली है, वैसी स्थिति हिमाचल के इतिहास में पहले कभी देखने को नहीं मिली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुख की सरकार का दावा करने वाली कांग्रेस से अब उसके अपने कार्यकर्ता भी सुख की अनुभूति नहीं कर पा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं अपनी सरकार से कितने संतुष्ट हैं, यह भी सवालों के घेरे में है।
नेता प्रतिपक्ष ने मनरेगा को लेकर कांग्रेस और प्रदेश सरकार के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग सबसे ज्यादा संविधान की धज्जियां उड़ाते रहे हैं, वही आज संविधान का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक केवल राजनीतिक उपस्थिति दर्ज करवाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के खिलाफ धरनों पर बैठ रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार मनरेगा को समाप्त नहीं कर रही है, बल्कि इसमें सकारात्मक बदलाव कर योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर डिजास्टर एक्ट का हवाला दिए जाने पर भी उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आपदा तो सात महीने पहले आई थी, लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आते ही पूरे प्रदेश को ही आपदा ग्रस्त घोषित कर दिया गया। उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव करवाने के आदेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि आपदा के नाम पर वास्तव में कितने प्रभावितों तक राहत पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार काम से बचने के लिए डिजास्टर एक्ट का सहारा ले रही है, वहीं दूसरी ओर अपने तीन साल पूरे होने पर जश्न मना रही है। यह जनता के साथ सीधा छल है।

