संपादन राम प्रकाश वत्स
दिल्ली में राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं विरासत सप्ताह 2025 के अंतर्गत वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने उत्साहपूर्ण माहौल के बीच विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के प्रमुख खुदरा एवं सांस्कृतिक केंद्र ‘द कुंज’ का दौरा किया। उनके साथ विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) श्रीमती अमृत राज सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सचिव ने महिला नेतृत्व वाले हस्तशिल्प विक्रेताओं, शिल्प दीदियों और कारीगरों से बेहद आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परंपरागत तकनीकों पर आधारित लाइव डेमो, मास्टरक्लास और कारीगरों के साथ हुए संवाद में उनकी यात्राओं, चुनौतियों और हस्तशिल्प आधारित उद्यमिता के जरिये स्थायी आजीविका बनाने के अनुभवों को सुना।

इस अवसर पर सचिव ने गहरे उत्साह के साथ कहा कि “शिल्प दीदी पहल एक परिवर्तनकारी आंदोलन है”—जो न केवल महिला कारीगरों को सशक्त बनाती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देकर भारत की हस्तशिल्प परंपरा को गांवों से वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कारीगरों का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उनके सम्बोधन ने उपस्थित कारीगरों और प्रतिभागियों में नई ऊर्जा भर दी।
भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को और चमकाने के लिए 8 से 14 दिसंबर 2025 तक ‘द कुंज’ में कार्यशालाओं, वार्ताओं और व्यावहारिक गतिविधियों की एक जीवंत श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इन आयोजनों का उद्देश्य आगंतुकों को सीधे कारीगरों, उनकी तकनीकों और उन कहानियों से जोड़ना है जो भारतीय संस्कृति की जड़ों को जीवित रखती हैं। प्रतिभागी ब्रांड सुविचारित और अनुभवात्मक सत्रों के माध्यम से क्षेत्रीय शिल्प कौशल, पारंपरिक कला रूपों और विरासत प्रथाओं की आधुनिक व्याख्याएँ प्रस्तुत करेंगे, जिससे सीखने और प्रेरणा का एक अनोखा संगम तैयार होगा।

