Shimla 07/12/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
नशे के कारोबारियों को स्पष्ट संदेश :सरकार की इस कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि—“युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को हिमाचल में अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
हिमाचल प्रदेश में युवाओं को हुक्का, ई-सिगरेट और फ्लेवर्ड निकोटीन उत्पादों की लत में धकेलने वाले कारोबारियों पर अब सरकार ने निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। तंबाकू-मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत चलाए जा रहे संयुक्त प्रवर्तन अभियान ने शिमला, मनाली, कसोल और धर्मशाला जैसे शहरों में अवैध हुक्का बारों की कमर तोड़ दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 13 अक्तूबर 2025 को अभियान का शुभारंभ करने के बाद राज्य फ्लाइंग स्क्वायड सक्रिय हो गया है।;
फ्लेवर और ‘नो-निकोटीन’ के नाम पर धोखा ; कई पैकेटों पर चेतावनी तक नहीं:छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आबकारी एवं कराधान तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने कई कैफे और रेस्तरां में अवैध हुक्का परोसना पकड़ा।फ्लेवर, हर्बल और नो-निकोटीन बताकर परोसे जा रहे उत्पादों के पैकेटों पर निकोटीन और तंबाकू स्पष्ट अंकित मिला। कई पैकेटों पर COTPA-2003 के तहत अनिवार्य स्वास्थ्य चेतावनी भी नहीं थी, जो क़ानून का गंभीर उल्लंघन माना गया। जब्त सामग्री को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
45 मिनट का हुक्का = 100 सिगरेट का धुआं: राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रविंदर कुमार ने बताया कि हुक्का बारों का प्रचलन खासकर नाबालिगों और युवाओं में तेज़ी से बढ़ रहा है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हुक्के में मौजूद निकोटीन, मोलासेस और फ्लेवर कई गुना अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न करते हैं। लंबे समय तक खींचा गया धुआं शरीर को निम्न खतरों में डालता है—कैंसरजनक तत्वों का अधिक संपर्क/फेफड़ों की कार्यक्षमता में गिरावट/साझा पाइप से टीबी, हेपेटाइटिस व हर्पीज़ जैसी बीमारियों का जोखिम
कुल्लू, मनाली, शिमला, धर्मशाला विशेष निगरानी में:एनएचएम मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर ने बताया कि खासकर कुल्लू (कसोल और मनाली), शिमला, धर्मशाला और सोलन में अवैध हुक्का परोसने की शिकायतें बढ़ रही थीं। इसी के चलते राज्य-जिला-ब्लॉक स्तर पर तीन-स्तरीय फ्लाइंग स्क्वायड प्रणाली लागू की गई है, जिससे निगरानी और प्रवर्तन को और मज़बूती मिलेगी।यह तंत्र इतनी सख़्ती से काम करेगा कि अवैध नशा कारोबारियों के लिए अब बच निकलना लगभग असंभव हो जाएगा।

