Delhi / 06 DEC 2025 ,By PIB Editor: Ram Parkash Vats
देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में जारी व्यवधान के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है।इंडिगो के परिचालन संकट के बाद कुछ एयरलाइनों द्वारा कई मार्गों पर हवाई किराया अचानक बढ़ा देने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने अपनी नियामक शक्तियों का उपयोग किया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस चुनौतीपूर्ण दौर में किसी भी तरह का “अवसरवादी मूल्य निर्धारण” बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सभी एयरलाइनों को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है, जिसके तहत:
अब सभी प्रभावित मार्गों पर निर्धारित किराया सीमा का सख़्ती से पालन अनिवार्य सरकार द्वारा तय की गई ये सीमाएँ तब तक लागू रहेंगी, जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते।यह कदम खासतौर पर उन यात्रियों के हित में उठाया गया है जिन्हें बिना विलंब के यात्रा करनी पड़ रही है —जैसे वरिष्ठ नागरिक, छात्र, आपातकालीन चिकित्सा यात्राएँ, और अन्य आवश्यक उद्देश्य।
⭐ मंत्रालय की तीन बड़ी रणनीतियाँ⭐
मूल्य नियंत्रण व अनुशासन:किराया तय सीमा से ऊपर जाने पर तत्काल कार्रवाई।मकसद: यात्रियों को महंगे टिकटों के शोषण से बचाना। वास्तविक समय निगरानी:मंत्रालय एयरलाइनों, ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल्स और डेटा सिस्टम के साथ रियल-टाइम किराया मॉनिटरिंग करेगा।त्वरित सुधारात्मक कदम:यदि कोई एयरलाइन नियमों की उपेक्षा करती है, तो मंत्रालय द्वारा तत्काल कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?--इंडिगो के संकट ने यात्रा उद्योग में अस्थिरता पैदा कर दी थी। इस अस्थिरता का लाभ उठाते हुए कुछ उड़ानों का किराया सामान्य दर से कई गुना तक बढ़ गया था। ऐसे समय में सरकार का यह कदम न केवल:जनहित में राहत देता हैय के अधिकारों की रक्षा करता है ,बल्कि एविएशन बाज़ार में पारदर्शिता और अनुशासन भी स्थापित करता है

