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सीएम सुक्खू बोले— आपदा पीड़ितों को पूरा 7 लाख मुआवज़ा, धारा 118 सुरक्षित; निर्माण वालों को मिलेगी एक साल की एक्सटेंशन, भाजपा पर भी साधा निशाना

RamParkash Vats
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र्मशाला, विधानसभा परिसर — शीतकालीन सत्र के पाँचवें दिन की कार्यवाही समाप्त होते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सरकार की नीतियों, आपदा राहत और धारा 118 से जुड़े विधायी प्रावधानों पर विस्तृत बयान दिया। दिनभर की बहस और विभागीय जवाबों के बाद मीडिया के समक्ष आए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर राहत व पुनर्वास में कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने सबसे पहले आपदा राहत को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष आई प्राकृतिक आपदा से जिन लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पूरा सात लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि “सदन में चर्चा और अनुमति के बाद लाई गई पॉलिसी के अनुसार ही प्रत्येक प्रभावित को पूरा लाभ मिलेगा। राहत राशि में कोई कटौती या असमंजस की गुंजाइश नहीं है।”

सत्र में धारा 118 से जुड़े विधेयक के पेश होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि धारा 118 में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा कानून में उन लोगों के लिए कोई प्रावधान नहीं था, जिन्होंने जमीन खरीदने के बाद पाँच वर्षों में 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया, लेकिन किसी कारणवश एक समय अवधि और आवश्यक हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार केवल इतना चाहती है कि जिन लोगों ने व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण निर्माण पूरा नहीं किया, उन्हें एक वर्ष की एक्सटेंशन देने का अधिकार मिले। यही कारण है कि विधेयक लाया गया है ताकि सरकार के पास कानूनी पावर हो और जनता की समस्याओं का समाधान किया जा सके। यह कदम किसी वर्ग को लाभ पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवहारिकता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।”स्वास्थ्य विभाग पर विपक्ष के आरोपों के संबंध में सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर स्वयं बता सकते हैं कि पिछले एक वर्ष में स्वास्थ्य सेवाएँ किस प्रकार मजबूत हुई हैं। आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया गया है।”

त्रकारों द्वारा बीजेपी की आलोचनाओं पर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ आरोप लगाना और राजनीतिक माहौल गर्माना है। “बीजेपी का कार्य केवल राजनीतिक रोटियाँ सेकना है, जबकि हमारी सरकार ठोस काम करती है,” मुख्यमंत्री ने कहा।सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि सरकार सत्र के दौरान उठाए गए सवालों और बहसों का जवाब सीधे तथ्यों और नीतियों के आधार पर देना चाहती है। जनता से संवाद की उनकी पहल ने सत्र के राजनीतिक माहौल के बीच एक स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार राहत, पुनर्वास और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए हुए है।

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