विधानसभा संवाददाता, तपोवन (धर्मशाला) SBC, Vijay Samyal
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में विपक्ष ने एक बार फिर जोरदार हंगामा किया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक मंत्री जगत सिंह नेगी के लगातार दूसरे दिन हुए संबोधन का बॉयकॉट करते दिखे। मंत्री नेगी के सदन में बोलने के दौरान भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। हंगामे की स्थिति बढ़ने पर स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने विषय पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया, किंतु विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित करना पड़ा।
दोपहर दो बजे सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई, लेकिन मंत्री जगत सिंह नेगी के संबोधन के दौरान भी भाजपा विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। उनका प्रवेश संबोधन समाप्त होने के बाद ही हुआ, जिसे सत्ता पक्ष ने विपक्ष की “जानबूझकर की गई असहयोग नीति” करार दिया। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष का यह कदम मंत्री नेगी के हालिया बयानों और विभागीय कार्यशैली को लेकर जताए गए विरोध का हिस्सा बताया जा रहा है। उधर, मंत्री का संबोधन शांत माहौल में पूरा होना बताया गया, लेकिन भाजपा विधायकों की गैरमौजूदगी पूरे दिन की कार्यवाही में चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही।

