शिमला, 27/11/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है और इसे पूरी कठोरता से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिनियम प्रभावी रहने तक राज्य निर्वाचन आयोग किसी भी प्रकार के निर्देश जारी नहीं कर सकता, इसलिए पंचायत चुनाव अस्थगित किए गए हैं, रद्द नहीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कई नई पंचायतों के पुनर्गठन और वार्डबंदी की प्रक्रिया जारी है, जिनमें नालागढ़ जैसी जगहों पर नौ-नौ हजार की आबादी वाली पंचायतें भी शामिल हैं। उनके वक्तव्य के बाद असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जून में पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन 2025 में आई बड़ी आपदा ने पूरे प्रदेश को प्रभावित कर दिया। राजस्व विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक सभी टीमें राहत व पुनर्वास कार्यों में जुटी रहीं, इसलिए चुनाव करवाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम हटते ही पंचायत चुनाव करवा दिए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर जनवरी तक चुनाव संभव हैं। सुक्खू ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा माइनस 40 डिग्री तापमान में चुनाव चाहती है, जबकि सरकार जनता के हित और बड़े वोट प्रतिशत को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चुनाव टाले नहीं गए हैं—बस आपदा प्रबंधन अधिनियम के हटते ही तुरंत करवाए जाएंगे।

