शिमला, 24/11/2025 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव प्रदेश की राजनीति, ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे और आपदा राहत तंत्र पर पड़ने वाला है। बैठक में कुल 64 एजेंडा प्रस्तुत किए गए, जिन पर चर्चा के बाद कई प्रमुख घोषणाएँ की गईं। सबसे बड़ा फैसला आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत में भारी बढ़ोतरी का रहा। अब घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 70,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम आपदाओं से जूझ रहे पहाड़ी क्षेत्रों में सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है और ग्रामीण व मध्यम-वर्गीय मतदाताओं में सकारात्मक संदेश भेजेगा। इसके साथ ही आगजनी में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सात लाख रुपये के विशेष सहायता पैकेज की घोषणा भी की गई है। यह निर्णय सरकार की राहत नीति को और मजबूत करता है तथा विपक्ष द्वारा राहत वितरण में कमी के आरोपों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।
प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियानों को तेज करने के लिए मंत्रिमंडल ने वायुसेना को 4.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है, जिससे हेलीकॉप्टर सेवाओं को सुचारू रखा जा सकेगा। इससे सरकार को संकट के समय तेजी से हस्तक्षेप करने में मदद मिलेगी। राजनीति की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 12 जिलों में पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन का रहा। इस प्रक्रिया में नई पंचायतों के गठन की भी संभावना जताई गई है।
सूत्रों का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदलेंगे और मतदाता आधार में नई संभावनाएँ बनेंगी। पुनर्सीमांकन के चलते आगामी पंचायत चुनाव आगे बढ़ने की भी पूरी संभावना है। बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मंत्री जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन, ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे के सुधार और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन फैसलों ने प्रदेश के राजनीतिक वातावरण में नई चर्चा पैदा कर दी है। राहत बढ़ाने के फैसले जहां जनता को सीधी सुविधा देंगे, वहीं पंचायत पुनर्गठन आने वाले समय में सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

