मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि शिक्षा क्षेत्र में जारी सुधारों के चलते आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करेगा।
शिमला, ब्यूरो चीफ Vijay Samyal
हिमाचल प्रदेश ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 रिपोर्ट में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के मामले में प्रदेश को देशभर में छठा स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने प्रदेशवासियों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने इस रिपोर्ट में सात अंकों की उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए 13वें स्थान से सीधे छठे स्थान पर जगह बनाई है। वहीं राज्यों की श्रेणी में प्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंचा है, जो शिक्षा क्षेत्र में सरकार की नीतियों और सुधारात्मक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों को देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य फोकस विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने पर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों से यह सफलता संभव हुई है।
उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार का ध्यान बिना बजट और पर्याप्त स्टाफ के स्कूल खोलने तक सीमित रहा, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्तमान सरकार गांवों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।सुक्खू ने बताया कि सरकार शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही प्रदेश के 156 विद्यालयों को CBSE पैटर्न से संबद्ध करने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत किया जा सके।

