Delhi/19/11/2025/ चिंतन मंथन और विश्लेषण – संपादक राम प्रकाश
भारत सरकार का भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) हिमाचल प्रदेश सरकार के भूमि अभिलेख निदेशालय के सहयोग से 20–21 नवंबर को कुल्लू में भूमि प्रशासन में आधुनिक प्रौद्योगिकियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। यह उच्च-स्तरीय कार्यशाला डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) की राष्ट्रीय प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी—जिनमें प्रमुख सचिव, सचिव (राजस्व), भूमि अभिलेख निदेशक और निपटान आयुक्त शामिल होंगे—भूमि प्रबंधन में आ रही चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे और अपनी-अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगे।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और आधुनिक भूमि प्रशासन पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। उनके साथ राज्य के राजस्व मंत्री श्री जगत सिंह नेगी तथा भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी भी मौजूद रहेंगे। दूसरे दिन का सत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया संबोधित करेंगे। आयोजन में पंजीकरण प्रणाली सुधार, ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण, भू-स्थानिक मानचित्रण, ई-पंजीकरण, ब्लॉकचेन-आधारित शीर्षक सत्यापन, मानव संसाधन क्षमता विकास तथा कानूनी सुधार जैसे विषयों पर विस्तृत तकनीकी चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।
सर्वे ऑफ इंडिया, एलबीएसएनएए तथा मैप माई इंडिया, ईएसआरआई इंडिया और हेक्सागन इंडिया जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों के विशेषज्ञ भी पैनल चर्चाओं में भाग लेंगे, जिससे सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने की उम्मीद है। कार्यशाला का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण व आधुनिकीकरण को गति देना, राज्यों के नवाचारों को साझा मंच प्रदान करना तथा भविष्य की नीतिगत दिशा तय करना है। दो दिवसीय यह आयोजन भारत में पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित भूमि प्रशासन प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।(Source PBI)

