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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से चार नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाया हरी झंडी ,रेलवे के । आधुनिकीकरण में बड़ा कदम, तीर्थस्थलों की कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा

RamParkash Vats
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धानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरूआत की

वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं: प्रधानमंत्री

एक विकसित भारत के लिए अपने संसाधन बढ़ाने के मिशन की भारत की शुरुआत, उस यात्रा में ये ट्रेनें मील का पत्थर साबित होंगी: प्रधानमंत्री

पवित्र तीर्थस्थल अब वंदे भारत नेटवर्क से जोड़े जा रहे हैं, जो भारत की संस्कृति, आस्था और विकास यात्रा का संगम हैं; यह विरासत शहरों को राष्ट्रीय प्रगति के प्रतीक

वाराणसी/नई दिल्ली : संपादन राम प्रकाश वत्स :

भारत के आधुनिक रेल बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की। बाबा विश्वनाथ की नगरी से पूरे देश को इस विकास यात्रा का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ रेल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि विकसित भारत का मजबूत आधार है।

प्रधानमंत्री ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, रेल कर्मचारियों और देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि “वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं।”प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में दुनिया के विकसित देशों की तुलना करते हुए कहा कि जहां भी तेज गति से प्रगति हुई है, उसका मूल आधार मजबूत बुनियादी ढांचा रहा है। भारत भी उसी मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और आधुनिक रेल नेटवर्क इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। नई ट्रेनों में बनारस–खजुराहो, लखनऊ–सहारनपुर, फिरोजपुर–दिल्ली और एर्नाकुलम–बेंगलुरु वंदे भारत अब संचालन में जुड़ गई हैं।

इनके साथ देश में चल रही वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 160 से अधिक हो गई है।तीर्थस्थलों की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलावप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में सदियों से तीर्थयात्रा राष्ट्रीय चेतना का माध्यम रही है। ये यात्राएं केवल आस्था नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देती हैं। उन्होंने बताया कि प्रयागराज, अयोध्या, हरिद्वार, चित्रकूट और कुरुक्षेत्र जैसे पवित्र शहर अब वंदे भारत नेटवर्क से जुड़ रहे हैं, जिससे भारत की संस्कृति, विकास और आधुनिकता का संगम तैयार हो रहा है।उन्होंने कहा, “इन पवित्र स्थलों तक तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा न केवल आध्यात्मिक अनुभव को आसान बनाएगी,

बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, होटल उद्योग और कारीगर समुदाय के लिए आय के नए अवसर पैदा करेगी।”प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले वर्ष 11 करोड़ तीर्थयात्री वाराणसी आए, जबकि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में छह करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हज़ारों करोड़ रुपये का प्रवाह हुआ, हज़ारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बने।वाराणसी: स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर का उभरता केंद्र

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के तेज़ी से बदलते स्वरूप पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले गंभीर बीमारियों का इलाज एक बड़ी चुनौती थी। कैंसर, नेत्र रोग, हृदय रोग जैसी समस्याओं के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ता था, कई मरीज आर्थिक संकट में फंस जाते थे।आज महामना कैंसर संस्थान, शंकर नेत्रालय, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, शताब्दी अस्पताल और पांडेयपुर संभागीय अस्पताल वाराणसी ही नहीं, पूरे पूर्वांचल और पड़ोसी राज्यों के हजारों मरीजों के लिए जीवनदायी बने हैं।

आयुष्मान भारत और जन-औषधि केंद्रों के कारण गरीब मरीजों ने करोड़ों रुपये की बचत की है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी को स्वास्थ्य राजधानी, पर्यटन केंद्र और शिक्षा–संस्कृति के ग्लोबल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। तेजी से बनते रोपवे, आधुनिक स्टेडियम, बेहतर सड़कें, गैस पाइपलाइन और इंटरनेट नेटवर्क शहर को विश्वस्तरीय पहचान दिला रहे हैं।नए मार्गों से तेज़ यात्रा, बढ़ेगा व्यापार और पर्यटनचारों नई ट्रेनों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी—

✅ बनारस–खजुराहो वंदे भारत:इस मार्ग पर यात्रा लगभग 2 घंटे 40 मिनट कम होगी। यह वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और यूनेस्को विश्व धरोहर खजुराहो जैसे प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ती है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा।

✅ लखनऊ–सहारनपुर वंदे भारत:यात्रा समय लगभग 1 घंटा घट जाएगा। यह लखनऊ, सीतापुर, बरेली, बिजनौर, सहारनपुर और हरिद्वार जैसे प्रमुख केन्द्रों को तेज़ और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराएगी। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी।

✅ फिरोजपुर–दिल्ली वंदे भारत:यह इस मार्ग की सबसे तेज़ ट्रेन होगी, केवल 6 घंटे 40 मिनट में यात्रा पूरी करेगी। पंजाब–दिल्ली व्यापार, रोजगार और पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, खासकर सीमावर्ती जिलों को मजबूत बाज़ार से जुड़ाव मिलेगा।✅ एर्नाकुलम–बेंगलुरु वंदे भारत:दक्षिण भारत में इस ट्रेन से यात्रा 2 घंटे से ज्यादा कम होगी। आईटी हब, व्यापारिक केंद्र और पर्यटन स्थलों के बीच तेज़ यातायात से आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ेगा।भविष्य की पीढ़ी की भागीदारीकार्यक्रम में मौजूद स्कूली विद्यार्थियों के उत्साह का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों के शुभारंभ के दौरान बच्चों की कला–प्रतियोगिता एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने आगे बाल साहित्य सम्मेलन आयोजित करने और देश भर के विजेताओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं में भेजने का सुझाव भी दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित काशी, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का लक्ष्य तेज़ी से साकार हो रहा है। “हमारा प्रयास है कि वाराणसी आने वाला हर यात्री दिव्य अनुभव, आधुनिक सुविधाओं और भारतीय सांस्कृतिक गौरव को साथ लेकर वापस जाए।”कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित रहे, जबकि केरल के राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी और अन्य नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।ये चार वंदे भारत ट्रेनें भारत की तेज़, सुरक्षित और आधुनिक रेल यात्रा का नया अध्याय हैं — और विकसित भारत की ओर बढ़ता एक सशक्त कदम।

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